
बिहार सरकार ने राज्य के बाहर फंसे छात्रों के लिए बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने ऐलान किया है कि लॉकडाउन की वजह से बिहार के लाखों लोग भारत के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं. इन सभी लोगों को राज्य सरकार ने उनके खाते में एक-एक हजार रुपये देने की घोषणा की है. बिहार के बाहर राज्य के हजारों छात्र-छात्राएं भी अलग-अलग शहरों में हैं. सरकार इन छात्रों के खाते में भी एक हजार रुपये डालेगी.
बिहार सरकार के इस फैसले पर चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने तंज किया है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि देश के कई हिस्सों में लॉकडाउन की वजह से फंसे बिहार के हज़ारों लोगों की दशा दयनीय बनी हुई है। लेकिन लॉकडाउन की मर्यादा में बँधे नीतीश कुमार जी के पास सबके लिए एक ही समाधान है – फंसे हुए कुछ लोगों को ₹1000 का अनुदान! अब इस उदारता के लिए हम सबको जीवनभर उनका आभारी होना ही चाहिए।
देश के कई हिस्सों में #lockdown की वजह से फंसे बिहार के हज़ारों लोगों की दशा दयनीय बनी हुई है।लेकिन lockdown की मर्यादा में बँधे @NitishKumar जी के पास सबके लिए एक ही समाधान है – फंसे हुए कुछ लोगों को ₹1000 का अनुदान!
अब इस उदारता के लिए हम सबको जीवनभर उनका आभारी होना ही चाहिए।
— Prashant Kishor (@PrashantKishor) April 28, 2020
बता दें कि बिहार में कोटा में फंसे हुए छात्रों को वापस लाने का मुद्दा तूल पकड़ा हुआ है. एक ओर नीतीश कुमार जहां लॉकडाउन के नियमों का हवाला दे रहे हैं वहीं विपक्ष लगातार उन पर हमलावार है.
0 Comments