कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया तो 15 के बाद एफआईआर, श्रम विभाग और पुलिस ने दी हिदायत

कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया तो 15 के बाद एफआईआर, श्रम विभाग और पुलिस ने दी हिदायत


प्राइवेट नौकरी वाले कर्मचारियों की तनख्वाह या मजदूरों की मजदूरी ना देने वालों के खिलाफ एफआईआर होगी। श्रम विभाग 15 अप्रैल के बाद कार्रवाई करेगा। केंद्र सरकार ने सभी उद्योगों, वणिज्यिक संस्थानों और ठेकेदारों को लॉक डाउन के दौरान पूरा वेतन देने के निर्देश दिए हैं। ताकि कर्मचारियों और मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट ना आये। इनके अलावा किसी को नौकरी से ना निकालने के भी आदेश हैं। इसी के आधार पर श्रम विभाग ने मार्च का पूरा वेतन देने और किसी को नौकरी से ना निकालने के निर्देश जारी किए हैं।

पहले 7 अप्रैल तक वेतन देने को कहा गया था। लेकिन अब 15 अप्रैल तक वेतन हर हाल में देने को कहा गया है। इसके बाद किसी भी कर्मचारी की शिकायत आने पर कानूनी कार्रवाई और एफआईआर की जाएगी। इन कानूनों में होगी एफआईआर वेतन ना देने, कटौती करने या नौकरी से हटाने वालों पर आईपीसी की धारा 188,आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 की धारा 51 से 60, महामारी एक्ट 1897 और श्रम कानूनों के तहत कार्रवाई हो सकती है। जिसमें छह माह तक सज़ा या भारी जुर्माना भी हो सकता है। पुलिस भी करेगी एफआईआर वेतन या मजदूरी ना देने की शिकायत श्रम विभाग के अलावा पुलिस से भी की जा सकती है। इसमें पुलिस भी कार्रवाई करेगी।

यहां करें शिकायत

श्रम विभाग की ओर से शिकायत के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसमें 9045078576 और 9045387181 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। केंद्र ने सभी निजी संस्थानों और ठेकेदारों को लॉक डाउन के दौरान कर्मचारियों को पूरा वेतन या भत्ते देने के निर्देश दिए हैं।

हमने भी अपील की है, फिर भी अगर कोई मार्च का वेतन नहीं देता तो 15 अप्रैल के बाद पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर कराएंगे। -डॉ हरक सिंह, श्रम मंत्री अगर कोई कर्मचारी या मजदूरी वेतन ना मिलने या हटाने की शिकायत करता है तो हम एफआईआर करेंगे। कुछ ठेकेदारों पर कार्रवाई की भी जा चुकी है।

 अशोक कुमार, डीजी क़ानून व्यवस्था

ज्यादातर उद्योगों ने तो किसी तरह अपने पल्ले से मार्च का भुगतान कर दिया। लेकिन से अप्रैल का भुगतान कैसे करेंगे। उद्योगों की हालत बहुत खराब है। राज्य में ज्यादातर छोटे उद्योग हैं, जो हर माह कमाकर ही सैलरी और अन्य खर्चे निकाल पाते। लेकिन लॉक डाउन से सब बंद हो गया। कच्चा माल और कुछ तैयार माल तक फंसा है। ऐसे में अब हमने राज्य और केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक सहायता मांगी है।

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