वर्ल्डकप फाइनल 2007 : आज के दिन जब अंधेरे में ऑस्ट्रेलिया ने किया था कप अपने नाम

वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे विवादित फाइनल मैच


नई दिल्ली. आज का दिन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट फैंस के लिए बहुत बड़ी खुशियां लेकर आया था. दरअसल आज ही के दिन ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप जीतने की हैट्रिक लगाई थी. 28 अप्रैल 2007 को ऑस्ट्रेलियाई टीम ने वर्ल्ड कप फाइनल (ICC World Cup Final 2007) में श्रीलंका को डकवर्थ लुइस नियम के मुताबिक 53 रनों से मात दी थी. साल 1999, 2003 और फिर 2007 में वर्ल्ड कप जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने इतिहास रच दिया था. वो लगातार तीन वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी.

एडम गिलक्रिस्ट बने जीत के हीरो

ऑस्ट्रेलिया की वर्ल्ड कप जीत के हीरो बने थे एडम गिलक्रिस्ट (Adam Gilchrist), जिन्होंने महज 104 गेंदों में 149 रन ठोक ऑस्ट्रेलिया के स्कोर को 281 रनों तक पहुंचा दिया. बारिश के चलते वर्ल्ड कप फाइनल 38-38 ओवर का कर दिया गया था और गिलक्रिस्ट श्रीलंकाई गेंदबाजों पर तूफान बनकर टूटे. श्रीलंकाई बल्लेबाजी के दौरान भी बरसात हुई और उसे 36 ओवरों में 269 रनों का लक्ष्य मिला. जयसूर्या ने श्रीलंका को जबर्दस्त शुरुआत दिलाई, उन्होंने 67 गेंदों में 63 रन बनाए. संगाकार ने भी 54 रनों की पारी खेली लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों के अलावा कोई और अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सका. नतीजा श्रीलंका ने वर्ल्ड कप जीतने का मौका गंवा दिया.


2007 क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल का विवाद

साल 2007 का वर्ल्ड कप फाइनल (ICC World Cup Final 2007) बेहद ही विवादित माना जाता है. दरअसल वर्ल्ड कप फाइनल में ऐसी घटना हुई थी जिसने आईसीसी पर ही सवाल खड़े कर दिए थे. मैच के अंतिम लम्हों में बारिश शुरू हो गई और मैच को रोकना पड़ा. इसके बाद अंपायरों ने मैच को खराब रोशनी के चलते सस्पेंड कर दिया. ऑस्ट्रेलियाई टीम वर्ल्ड कप जीत का जश्न मनाने लगी लेकिन इसके बाद उन्हें जानकारी दी गई कि अभी 3 ओवर और फेंकने बाकी हैं. मैदान पर अंधेरा हो चुका था और अगले दिन बचे हुए तीन ओवर फेंकने का विकल्प था लेकिन मैच रेफरी जेफ क्रो ने उसी दिन बचे हुए 3 ओवर फेंकने का फैसला सुनाया. नतीजा ये हुआ कि श्रीलंकाई टीम को अंधेरे में 3 ओवर फेंकने पड़े. बता दें जब आखिरी के 3 ओवर फेंके गए तो मैदान पर इतना अंधेरा था कि दर्शक खिलाड़ियों को देख नहीं पा रहे थे.

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