कोरोनावायरस से इकोनॉमी पर बुरा असर पड़ रहा है। इससे देश के आर्थिक हालात चौपट हो रहे हैं। गरीबों के सामने बहुत सारी समस्याएं हैं। इस बीच भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के 50 अधिकारियों ने लॉकडाउन से इकोनॉमी को उबारने के लिए सरकार के सामने कई सुझाव रखे हैं। इनमें सालाना 1 करोड़ रुपये से अधिक कमाने वालों पर 40 फीसदी इनकम टैक्स लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा वेल्थ टैक्स को फिर से शुरू करना, 10 लाख रुपये से अधिक की कर योग्य आय (taxable income) पर एक बार 4 प्रतिशत सेस और हेल्थकेयर सेक्टर में सभी कॉर्पोरट और कारोबारियों को 3 साल तक टैक्स से मुक्ति देने की भी सिफारिश की गई है। ये सिफारिशें एक पॉलिसी पेपर का हिस्सा हैं, जिसका शीर्षक है "Fiscal Options & Response to Covid-19 Epidemic (FORCE), जो आईआरएस एसोसिएशन ने शनिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) और केंद्रीय वित्त मंत्रालय को पेश किया।

गरीबों को मिलें हर महीने 5000 रु
आईआरएस की तरफ से कई गई सिफारिशों में गरीबों को आर्थिक मदद देने के लिए एक खास सुझाव दिया गया है। आईआरएस ने अपने सुझावों में कहा है कि गरीबों को हर महीने 5000 रुपये दिये जाएं, जो सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाने चाहिए। द प्रिंट की रिपोर्ट के अनुसार आईआरएस एसोसिएशन ने अपनी सुझाव रिपोर्ट के पीएमओ और वित्त मंत्रालय के अलावा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पास भी भेजा है। आईआरएस की तरफ से जारी सुझावों में उन उपायों पर बारीक नजर डाली गई है, जो अधिकारियों को लगता है कि इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए उठाए जाने जरूरी हैं। आईआरएस का अनुमान है कि इससे आम आदमी पर बोझ डाले बिना राजस्व बढ़ेगा।

सरकार को बड़े पैमाने पर खर्च करने की जरूरत
आईआरएस की तरफ से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार को अर्थव्यवस्था को फिर से उबारने करने के लिए बहुत अधिक खर्च करने की आवश्यकता है और इसे अतिरिक्त राजस्व जुटाने की भी जरूरत है, लेकिन उन तरीकों से जिससे पहले से ही परेशान आम आदमी पर अधिक बोझ न पड़े। इस तरह के समय में तथाकथित 'सुपर-रिच' के पास बड़े स्तर पर लोगों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए करने के लिए ज्यादा दायित्व है। अधिकारियों ने रिपोर्ट के जरिए ये भी कहा कि बताए गए उपायों पर अमल करने से आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी और टैक्स आमदनी में बढ़ोतरी हो सकती है।

सरकार दे रही ढेरों सुविधाएं
सरकार लॉकडाउन के बीच गरीबों की मदद के लिए पहले से ही काफी उपाय कर रही हैं। सरकार जनधन महिला खाताधारकों के खाते में 500 रुपये की आर्थिक सहायता भेज रही है। मुफ्त राशन भी बांटा जा रहा है। सरकार ने देश की 20.6 करोड़ महिलाओं के जनधन खातों में 500 रुपये ट्रांसफर किये हैं, जो दो बार और दिए जाएंगे। लॉकडाउन के बीच प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था, जिसमें से महिलाओं, गरीबों, वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को मुफ्त में खाद्यान्न से लेकर नकद पैसे तक दिए जा रहे हैं।
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