बिहार में कोरोना का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। लेकिन इसके साथ ही लॉकडाउन का उल्लंघन करने का मामला भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। अभी कुछ दिन पहले एक जिला कृषि अधिकारी ने लॉकडाउन का उल्लंघन किया तो होमगार्ड ने जुर्माना भरने को कहा। इसके बाद कृषि अधिकारी ने रौब दिखाते हुए होमगार्ड से उठक-बैठक लगवाया। हालांकि मामला सामने आने के बाद कृषि अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। ताजा मामला जमुई का है, जहां ड्यूटी में तैनात एक दारोगा ने सोशल डिस्टेंसिंग के बारे में समझाने लगा तो बीडीओ ने पिस्टल दिखाते हुए औकात में रहने की नसीहत दे डाली।

दारोगा ने गाड़ी साइड लगाने को कहा
सुबह की शिफ्ट में एसआई विंध्याचल सिंह अपने सहयोगी पुलिसबल के साथ तैनात थे। गुरुवार की सुबह चकाई बीडीओ सुनील चांद अपनी एसयूवी कार से वहां पहुंचे थे। बता दें कि एसआई विंध्याचल सिंह गांधीगिरी के लिए जाने जाते हैं। रास्ते में जो लोग भी लॉकडाउन का पालन नहीं करते हुए दिखते हैं और बिना मास्क पहने घूमते हैं तो बिना डंडा चलाए लोगों को समझाते हैं। लेकिन चकाई बीडीओ को जब इस एसआई ने कार को सड़क के किनारे लगाने को कहा तब वे भड़क गए।

बीडीओ ने कहा कि जानबूझकर किया जाता है टारगेट
वहीं इस मामले में चकाई बीडीओ सुनील चांद ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात एसआई जानबूझकर मुझे टारगेट करते हैं और अक्सर मेरी कार को रोक कर टोकते हैं और कहते हैं कि लॉकडाउन में कार में तीन से चार लोग क्यों बैठे हैं। बीडीओ ने कहा कि मेरे पास लाइसेंसी रिवाल्वर है। चकाई नक्सली इलाका है और मैं वहां का प्रखंड विकास पदाधिकारी हूं, इसलिए उसे लेकर ही चलना पड़ता है।
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