
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने मंगलवार को कर्नाटक सरकार को राज्य के संक्रमणमुक्त जिलों (ग्रीन जोन) में कुछ निश्चित प्रतिबंधों के साथ शराब बिक्री की अनुमति देने का सुझाव दिया. इसके अलावा, सिद्धरमैया ने राज्य सरकार से कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के कारण प्रभावित ऑटोरिक्शा चालकों, फेरीवालों, दिहाड़ी मजदूरों जैसे अंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा करने की मांग की.
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने मंगलवार को कहा, "इस वर्ग के लोगों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जानी चाहिए. यही हमारी मांग है." उन्होंने कहा "सिर्फ इसलिए कि, राज्य में आर्थिक मंदी है, मैं अल्कोहल की बिक्री की अनुमति देने की सिफारिश नहीं करता। लेकिन संक्रमणमुक्त जिलों में कुछ निश्चित प्रतिबंधों के साथ शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी जा सकती है."
सरकार पर कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से प्रभावित असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, "यह सरकार का कर्तव्य है और उन्हें यह तुरंत करना चाहिए. पैकेज की भी घोषणा की जानी चाहिए."
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं इस संबंध में जेडीएस, सीपीआई, सीपीएम और बसपा जैसे अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ चर्चा करूंगा और किसानों को होने वाली परेशानी पर भी चर्चा करूंगा."
भोजन के पैकेटों और राशन किटों की आपूर्ति में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि बीजेपी विधायकों के प्रतिनिधित्व वाले निर्वाचन क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति ठीक से की जा रही है. उन्होंने कहा "हम इस समय राजनीति नहीं करना चाहते हैं. अगर लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी हालात ऐसे ही बने रहे तो हम सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे."
सिद्धरमैया ने मंगलवार को ऑटो रिक्शा और कैब चालकों, फेरीवालों और अन्य असंगठित कामगार संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर लॉकडाउन के दौरान उनके सामने आने वाली कठिनाइयों को समझने की कोशिश की और यह जानने का प्रयास किया कि सरकार से मदद उनके पास पहुंची है या नहीं.
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