
हिमाचल में बस सेवा के साथ ही एक जिले से दूसरे जिले के लिए बिना कर्फ्यू पास टैक्सियां और निजी गाड़ियां एक जून से चलेंगी। हिमाचल कैबिनेट ने असमंजस के बाद इसके बारे में फैसला ले लिया है। कैबिनेट ने शिक्षा विभाग में नियुक्त अंशकालिक जलवाहकों के नियमितीकरण की अवधि को भी एक साल घटा दिया है।
अब अंशकालिक जलवाहक 14 साल की जगह 13 साल बाद ही नियमित होंगे। उच्च शिक्षा विभाग और प्रारंभिक शिक्षा महकमे में 2500 जलवाहक तैनात हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसले हुए। प्रदेश सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में सभी मंत्री मौजूद रहे।
8.31 लाख बच्चों के लिए स्कूल वर्दी खरीद को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में अटल वर्दी योजना के तहत 8.31 लाख स्कूली बच्चों के लिए वर्दी खरीदने को भी मंजूरी दे दी गई। यह खरीद वित्तीय वर्ष 2019-20 सत्र के लिए होगी। इसके लिए टेंडर पहले ही लगा दिए थे। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से लगे लॉकडाउन के बीच इस पर आगे कार्रवाई नहीं हो पाई थी।
पैसा खर्च करवाने को मंत्रियों को देंगे जिलों की जिम्मेवारी, 12 हजार करोड़ अनखर्चे
कैबिनेट बैठक में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए कि प्रदेश में करीब 12 हजार करोड़ रुपये विभिन्न विभाग खर्च ही नहीं कर पाए। इस मामले में लोक निर्माण विभाग सबसे फिसड्डी है। कई अन्य विभागों के भी यही हाल है।
कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया कि अब हर जिले में एक-एक मंत्री को इसकी निगरानी में लगाया जाएगा कि कहां कितना पैसा खर्च हुआ। जल्द ही मंत्रियों को जिम्मेवारी देकर विकास कार्यों का पैसा धरातल पर खर्च किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
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