नई दिल्ली: आज से लगभग 3 साल पहले फेकस्काई नामक एक एंड्राइड मैलवेयर सन अक्टूबर 2017 में स्पॉट किया गया था जिसने जापान और साउथ कोरिया के तमाम लोगों को अपना निशाना बनाया था। ये मैलवेयर यूज़र्स की बैंकिंग डिटेल और पर्सनल जानकारियों की चोरी करता था। अब करीब 3 साल के बाद ये खतरनाक एंड्राइड मैलवेयर एक बार फिर से वापस आ गया है।
इन देशों को करेगा टारगेट
साइबररीज़न के शोधकर्ताओं की माने तो ये (फेकस्काई ) एंड्राइड मैलवेयर एक बार फिर से पूरी दुनियाभर के लोगों के ऊपर अपना कहर भरपा सकता है। ये चीन, ताइवान, फ्रांस, स्विजरलैंड, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, यूनाइटेड स्टेट्स और बाकी देशों को टार्गेट कर रहा है। इस बार ये मैलवेयर यूज़र्स को डाक सेवा ऐप के रूप में मैसेज भेज कर बेवकूफ बना रहा है। एक बार फिर से इस मैलवेयर की नज़र यूज़र्स के बैंक अकाउंट पर है।
ऐसे बना रहा यूज़र्स को अपना निशाना
उन्होंने बताया कि ये फेकस्काई एसएमएस -फिशिंग अटैक के ज़रिए यूज़र्स को अपना निशाना बना रहा है। ये यूज़र्स को एक SMS भेजता है जो उन्हें एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहता है। इस वायरस वाली ऐप को ओपन करते ही यह यूजर से 2 परमिशन मांगता है। जो पहली परमिशन की मदद से डिवाइस पर आने वाले मैसेज को पढ़ सकता है। इसके बाद दूसरी परमिशन की मदद से डिवाइस लॉक होने के बाद भी ये बैक्ग्राउण्ड में कम करता रहता है।
फेकस्पाई मैलवेयर के पीछे चाइनीज़ स्पीकिंग ग्रुप
जैसे ही इसको परमिशन मिल जाती है उसके बाद यह लोगों की जरूरी जानकारी फोन नंबर, डिवाइस मॉडल, OSवर्जन, टेलीकॉम प्रोवाइडर, बैंकिंग डीटेल, IMEI नंबर और IMSI नंबर चुरा लेते हैं। उनकी माने तो, फेकस्पाई मैलवेयर के पीछे चाइनीज़ स्पीकिंग ग्रुप है, जिसे आमतौर पर रोमिंग मेंटिस के रूप में जाना जाता है।
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