
2007 में ग्रैग चैपल के बाद टीम इंडिया की कमान साउथ अफ्रीका क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी गैरी कर्स्टन को सौंपी गई। कोच ने टीम को विश्व कप 2011 के लिए तैयार किया और 28 साल बाद दूसरा एकदिवसीय विश्व कप जिताने में सफल रहे। अब पूर्व भारतीय कोच ने खुलासा किया है कि टीम इंडिया क तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनके बीच एक मजबूत रिश्ता बन गया था।
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और कोच गैरी कर्स्टन ने टीम इंडिया को 28 साल बाद विश्व कप जिताया। असल में जहां 2007 में माही को टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई, तो वहीं गैरी कर्स्टन को 2007 में ग्रेग चैपल के बाद टीम की कोचिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई। तब से दोनों के बीच एक पक्का रिश्ता बन गया।
अब यूट्यूब पर 'आरके' शो में गैरी कर्स्टन ने धोनी के बारे में बात करते हुए कहा, 'मैंने कई मौकों पर धोनी से कहा, वह उन सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक हैं जिनसे मैं मिला हूं। वह एक महान कप्तान हैं, वाकई उन्हें एक कप्तान के रूप में अदभुत सोचने की शक्ति मिली है, मुझे लगता है कि वह वफादार हैं, और यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।'
इस बात में दो राय नहीं है कि माही एक बेहतरीन कप्तानी हैं। ना केवल उन्होंने टीम को तीन खिताब जिताए, बल्कि वह टीम के खिलाड़ी व सपोर्टिंग स्टाफ के साथ जिस तरह से पेश आते, उसकी जितनी तारीफ की जाए कम ही होगी। अब कोच गैरी कर्स्टन ने एक वाक्या याद किया जब कोच के चलते धोनी ने फ्लाइट स्कूल जाने से मना कर दिया था।
इस किस्से को याद करते हुए कोच ने बताया,'मैं कभी नहीं भूलूंगा, विश्व कप से ठीक पहले, हमें बैंगलोर में फ्लाइट स्कूल जाना था, जहां एक बार उसे देखने के लिए आमंत्रित किया गया था। जाहिर है, हमारे सहयोगी स्टाफ में कुछ विदेशी थे। हमें सुबह वापस जाने से पहले पूरी टीम को वहां जाना था और हर कोई वहां जाने के लिए काफी एक्साइटेड था। टीम के सपोर्ट स्टाफ में तीन साउथ अफ्रीकी, पैडी अप्टन, एरिक सीमन्स और मैं, हम तीनों को फ्लाइट स्कूल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही थी क्योंकि इसे सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित नहीं माना जा रहा था।'
गैरी कर्स्टन ने आगे बताया कि धोनी ने उस कार्यक्रम को इसलिए कैंसिल कर दिया, क्योंकि विदेशी कोचिंग स्टाफ को अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। गैरी कर्स्टन ने बताया,'एमएस ने पूरे कार्यक्रम को रद्द कर दिया। उसने बस इतना कहा, 'ये मेरे लोग हैं। यदि उन्हें अनुमति नहीं है, तो हम में से कोई भी नहीं जा रहा है। ' उसने वही किया जिसके लिए वह जाना जाता था।'

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