पितृ दोष का ज्ञान हमें अपनी कुंडली या जन्म पत्रिका किसी विद्वान पंडित या ज्योतिषि को दिखाने पर होता है। अगर हमारी कुंडली में पितृ दोष है तो हम भयभीत हो जाते हैं। किन्तु ज्योतिष और पंडितों के अनुसार पितृ दोष के कारण हमें ना परेशान होने जरुरत है। और ना ही भयभीत होने की जरुरत है। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए केवल एक छोटा सा उपाय करना होता है। और इस उपाय को करने से पितृ दोष से संबंधित समस्या से निजात प्राप्त हो जाती है। आपसे यह समस्या पल भर में दूर हो जाएगी। तो आइए जानते हैं पितृ दोष से संबंधित समस्या से निजात पाने का उपाय।
पितृ दोष का ज्ञान हमें अपनी कुंडली या जन्म पत्रिका किसी विद्वान पंडित या ज्योतिषि को दिखाने पर होता है। अगर हमारी कुंडली में पितृ दोष है तो हम भयभीत हो जाते हैं। किन्तु ज्योतिष और पंडितों के अनुसार पितृ दोष के कारण हमें ना परेशान होने जरुरत है। और ना ही भयभीत होने की जरुरत है। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए केवल एक छोटा सा उपाय करना होता है। और इस उपाय को करने से पितृ दोष से संबंधित समस्या से निजात प्राप्त हो जाती है। आपसे यह समस्या पल भर में दूर हो जाएगी। तो आइए जानते हैं पितृ दोष से संबंधित समस्या से निजात पाने का उपाय।
आपको एक सवा मीटर सफेद कपड़ा लाना है। क्योंकि पितृों को जो स्वरुप होता है वह सफेद वस्त्रों में ही होता है। इस सफेद कपड़े के एक कोने में रोली और चावल बांध दीजिए। रोली चावल के साथ श्रद्धानुसार कुछ पैसे भी रखने के बाद गांठ ला दें। और उसके बाद उस वस्त्र को पूरा लंबा फैलाकर उसमें एक डंडीदार साबुत पान रखें। और उस पाने के ऊपर नारियल रखकर के उस वस्त्र को पूरी तरह से लपेट दें। और उसके बाद उस वस्त्र को घर में बने पूजा के स्थान पर रखें। इसके बाद 21 दिनों तक जिन पितृों को आप जानते हैं, और जिन पितृों को आप नहीं जानते उन सभी का नाम लेकर आपको 'ओम पितरेभ्यो नम:' मंत्र का एक माला जाप करना है। और अगर आपके पास किसी दिन समय का अभाव हो तो उस दिन इस मंत्र का 21 बार जाप करना है।
शास्त्रों में ऐसा बताया गया है कि 21 दिन के बाद आपके स्वप्न में कोई पितृ या तो आपके पिता के रुप में या दादा और अन्य किसी संबंधी के रुप में आ सकते हैं। जिन लोगों की परिवार में मृत्यु हो चुकी है। उनके रुप में अवश्य आएंगे। जब भी कोई पितृ के रुप में आपको दर्शन दे तो आपको उनसे प्रार्थना करनी है कि आप हमारे समस्त प्रकार के दोषों को दूर करें।
इसके बाद आप उस नारियल को किसी नदी में प्रवाहित कर दें। और पितृों के नाम से अपनी क्षमता के अनुसार गरीब लोगों को खीर का प्रसाद बांटे। इससे आपके पितृ प्रसन्न होंगे। और आपके व्यापार में उन्नति होगी। आपके घर के क्लेश आदि दूर होंगे। आपके घर में कोई व्यक्ति बीमार है तो उसकी बीमारी धीरे-धीरे दूर होगी।
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