बिना किसी कागजात के इस स्कीम के तहत लोन दे रही है सरकार, जानें पूरी जानकारी


दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को संकट में डाल दिया। भारत में कोरोना वायरस की वजह से सरकार ने लगभग 3 महीने का लॉकडाउन लगा दिया था। जिस वजह से सबसे ज्यादा परेशानी में आर्थिक रूप से कमजोर लोग पड़ गए थे। इसी वजह से अब सरकार ने ऐसे लोगों को लोन देने का फैसला किया है। जी हां… आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सरकार ने 10 हजार रूपये का लोन देने की तैयारी की है। वो भी बिना किसी पहचान पत्र के। सरकार ये लोन प्रधानमंत्री स्वनिधी स्कीम के तहत देगी। इस स्कीम को सरकार ने हाल ही में शुरू किया है। इस स्कीम के तहत सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वाले, ठेले वाले और दुकान लगाने वाले लोगों को लोन मिलेगा। इस स्कीम की खास बात ये है कि इस लोन को चुकाने में सरकार लोगों को 12 महीने का समय दिया है।

लोन के लिए करना होगा आवेदन

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने इस स्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि रेहड़ी-पटरी वाले स्थानीय शहरी निकाय अनुशंसा पत्र के लिए अनुरोध कर सकते है। मंत्रालय के अनुसार, यह मॉडल ठेले वालों (स्ट्रीट वेंडर्स) को सुविधा देने के लिए तैयार किया गया है। इस स्कीम का फायदा उन लोगों को भी मिलेगा। जिनके पास पहचान पत्र (आईडी) और विक्रय प्रमाणपत्र (सीओवी) नहीं है। इतना ही नहीं, जिन लोगों का नाम इस योजना के तहत लाभ उठाने के लिए सर्वेक्षण सूची में भी शामिल नहीं हैं। उन्हें भी सरकार लोन देगी। इस स्कीम से ये लोग अपने काम में सुधार कर सकते है।

क्यों दे रही है सरकार लोग

कोरोना वायरस की वजह से पीएम मोदी ने देश में लॉकडाउन लगाया था। जिस वजह से आर्थिक रूप से कमजोर लोग संकट में आ गए थे। इतना ही नहीं, कई लोगों को अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा था लेकिन इस स्कीम से लोगों को 10 हजार रुपय लोन मिलेगा। जिससे लाभार्थी को अपने कारोबार में मदद मिलेगी। खास बात ये है कि सरकार लोगों को काफी कम ब्याज पर लोन दे रही है। जिससे लाभार्थियों पर ब्याज का बोझ भी नहीं पड़ेगा।

ऐसे करें अप्लाई

जिन लोगों को सरकार की इस स्कीम का फायदा उठाना है। वह दो तरह से अप्लाई कर सकते है। पहले में आवेदक को पीएम स्वनिधि पोर्टल पर स्थानिय शहरी निकायों से एलओआर प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए आवेदक को लॉकडाउन अवधि के दौरान कुछ राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों द्वारा दी गई एकमुश्त सहायता का प्रमाणपत्र या विक्रेता संघों का सदस्यता विवरण अथवा कोई अन्य दस्तावेज की जरूरत होगी। जिससे साबित होगा कि वह एक विक्रेता ही है।

दूसरा तरीके के हिसाब से व्यक्ति सादे कागज के जरिए सीधा नगर निगम, नगर पालिका या फिर पंचायत के दफ्तर में आवेदन कर सकता है। इसके बाद स्थानिय निकाय को भी महज 15 दिन के अंदर ही एलओआर जारी करने के अनुरोध को निपटाना होगा। सरकार की तरफ से जारी बयान के अंदर कहा गया है कि जिन विक्रेताओं के पास एलओसी है उन्हें 30 दिन के अंदर ही विक्रय प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ वेंडिंग) / पहचान पत्र जारी किया जाएगा।

इन लोगों को मिला फायदा

प्रधानमंत्री स्वनिधी स्कीम का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिए जाने की तैयारी है। सरकार ने इस स्कीम के तहत 2 जुलाई 2020 से ऑनलाइन आवेदन शुरू कर दिया है। जो प्रधानमंत्री स्वानिधी स्कीम पोर्टल पर हो रहा है। जिसके बाद अब तक सरकार के पास राज्यों समेत केंद्रशासित प्रदेशों से 4.45 लाख से ज्यादा आवेदन आ चुके है। इतना ही नहीं, सरकार ने 82,000 से ज्यादा आवेदन को मंजूरी भी दे दी है। सरकार इस योजना से लगभग 50 लाख लोगों को फायदा पहुंचाना चाहती है।

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