सुशांत केस: बिहार डीजीपी गुप्‍तेश्‍वर पांडे ने रिया चक्रवर्ती से मांगी माफी!



सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस

पटना। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड केस में बिहार के पुलिस मुखिया गुप्तेश्वर पांडेय ने ‘औकात’ वाली टिप्पणी को लेकर अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती से माफी मांगी है और साथ ही निशाना भी साधा है। उनका कहना है कि बिहार के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने की उनकी औकात नहीं है और उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वे सुशांत सिंह मामले में आरोपी हैं।

पुलिस महानिदेशक पांडेय ने कहा कि ‘औकात’ का मतलब हैसियत भी होता है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करने की रिया चक्रवर्ती की हैसियत नहीं है। उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह सुशांत सिंह राजपूत मामले में एफआइआर में एक नामजद आरोपी हैं। यह जांच पहले मेरे अधीन थी और अब सीबीआइ के पास है।

If a political leader comments on Bihar CM, then I am nobody to comment over it. But if an accused makes some baseless comment on Bihar CM then it is objectionable. She should fight the battle legally: Bihar DGP Gupteshwar Pandey (2/2) #SushantSinghRajput https://t.co/XYQud3gK7w

— ANI (@ANI) August 20, 2020


बिहार के डीजीपी ने आगे कहा कि अगर कोई राजनीतिक नेता बिहार के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करता है, तो मैं इस पर टिप्पणी करने वाला कोई नहीं होता हूं। मगर, अगर कोई आरोपी बिहार के मुख्यमंत्री पर कुछ भी बेबुनियाद टिप्पणी करता है तो यह आपत्तिजनक है। उन्हें कानूनी रूप से लड़ाई लड़नी चाहिए। इससे पहले बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डीजीपी पांडेय ने एक सवाल के जवाब में कहा था कि बिहार के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करने की औकात रिया चक्रवर्ती की नहीं है। हालांकि, बाद में उन्होंने अपने बयान पर माफी मांग ली थी।

बिहार डीजीपी ने अपनी टिप्‍पणी पर मांगी माफी

एक न्यूज चैनल से बातचीत में बिहार डीजीपी ने कहा था कि अगर उनकी बात से कोई तकलीफ हुई है तो वे क्षमा मांगते हैं। उन्‍होंने कहा था, ‘मुझे कोई समझा दे कि इसमें क्या अभद्र है, क्या अमर्यादित है और क्या गैर कानूनी है। मैंने कहा कि उनकी हैसियत नहीं है कि वो बिहार के माननीय मुख्यमंत्री पर रिया चक्रवर्ती कोई अभद्र, अशोभनीय टिप्पणी करें। अगर इससे उनको कोई तकलीफ है। उनको लगता है कि मैंने ये ‘औकात’ शब्द का जो इस्तेमाल किया है, उससे उनकी गरिमा को चोट पहुंची है, तो इसके लिए मुझे क्षमा मांगने में कोई संकोच नहीं है। लेकिन केवल महिला होने की लिबर्टी ये नहीं है कि आप किसी प्रांत के मुख्यमंत्री, वैसा मुख्यमंत्री जो अपनी ईमानदारी के लिए और अपनी इंसाफपसंदी के लिए जाना जाता है, उस पर आप कोई अमर्यादित, अशोभनीय टिप्पणी करें। अगर मेरी बात से कोई तकलीफ है तो क्षमा मांगते हैं।’


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