सरफराज अहमद की उबासी फिर हुई वायरल, आकाश चोपड़ा ने किया ट्रोल





पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सरफराज अहमद उस वक्त से ट्रोलर्स के पसंदीदा टारगेट बने हुए जब विकेट के पीछे उबासी लेते उनकी तस्वीर वायरल हुई थी। दरअसल, पिछले साल आईसीसी विश्व कप मुकाबले में भारत के खिलाफ एक मैच में विकेटकीपिंग करने के दौरान उबासी लेते हुए उनका एक फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया था। उस समय से ही पाकिस्तान का ये विकेटकीपर-बल्लेबाज लगातार ट्रोलर्स के निशाने पर है और आए दिन सोशल मीडिया पर उनके मीम्स भी आते रहते हैं। इस बीच, पाकिस्तान के इंग्लैंड दौरे पर एक बार फिर क्रिकेट के चाहनेवालों को सरफराज को ट्रोल करने का बहाना मिल गया।

मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर एक सितंबर को खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मुकाबले में पाकिस्तान ने इंग्लैंड को पांच रनों से हराकर तीन मैचों की सीरीज एक-एक से बराबरी पर खत्म कर दी। दोनों टीमों के बीच खेला गया पहला मैच बारिश में धुला था, जबकि दूसरा मैच इंग्लैंड ने पांच विकेट से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली थी। तीसरे मैच में पाकिस्तान ने जीत हासिल कर सीरीज को एक-एक से बराबर कर दिया। अंतिम मैच में पाकिस्तान के 191 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम तय 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 185 रन ही बना सकी। इस मैच के साथ ही पाकिस्तान का इंग्लैंड दौरा भी अब खत्म हो गया।

मैनचेस्टर में खेला गया फाइनल टी20 मैच ही एक इकलौता ऐसा मुकाबला था, जिसमें सरफराज को पाकिस्तान के अंतिम ग्यारह खिलाड़ियों में शामिल किया गया। इससे पहले जितने भी पांच मैच इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान ने खेले, उन सभी में सरफराज बेंच पर ही बैठे रह गए थे। तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच के दौरान जब इंग्लैंड अपनी पहली पारी खेल रहा था, उबासी लेते सरफराज का एक फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इसी तरह से दूसरे टी20 मैच के दौरान भी वे सोने की स्थिति में जम्हाई लेते दिखे। और इसके बाद ट्विटर पर उन्हें तीनों फॉर्मेट में जम्हाई लेने वाले एकमात्र क्रिकेटर के रूप में ट्रोल कर दिया गया।

बुधवार को पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा भी सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे सरफराज अहमद पर कमेंट करने से नहीं चूके। एक ट्विटर यूजर ने आकाश चोपड़ा को टैग करते हुए सरफराज के मीम पर अपने विचार रखे। उसका जवाब देते हुए आकाश चोपड़ा ने ट्विटर पर लिखा, "हम एक ऐसी प्रजाति हैं, जिसमें सुधार नहीं किया जा सकता है। एक इन्सान शांति से जम्हाई भी नहीं ले सकता।"

Post a Comment

0 Comments