मुस्लिम क्रिकेटर के सिर पर डाली बीयर, क्रिकेट जगत में गुस्‍सा, आक्रोश फैला



लंदन: बॉब विलिस ट्रॉफी 2020 के फाइनल में एसेक्‍स ने समरसेट को मात दी। हालांकि, फाइनल के बाद एक विवाद बहुत ज्‍यादा बढ़ चुका है। एसेक्‍स की टीम फाइनल जीतने का जश्‍न मना रही थी। उसके एक सीनियर खिलाड़ी विल बटलमैन ने अपनी टीम के साथी मुस्लिम क्रिकेटर फिरोज खुशी के सिर पर बीयर डाल दी। यह जानकर ईस्‍ट लंदन में ब्रिटीश एशियाई क्रिकेट कम्‍यूनिटी गुस्‍से से भर गई है। क्रिकेट जगत में आक्रोश फैल गया है। इस घटना के बाद क्‍लब पर माफी मांगने का दबाव भी बढ़ाया जा रहा है।

एसेक्‍स

हालांकि, एसेक्‍स ने माफी मांगने के बजाय बयान जारी किया, जिसमें उन्‍होंने कहा कि यह एक्‍शन संस्‍थ के मूल्‍यों से नहीं मिलते हैं। क्‍लब ने साथ ही कहा कि वे बहु विविध टीम की अपनी संस्‍कृति को जारी रखने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

एसेक्‍स ने खुद को विवादों में फंसा पाया

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक एसेक्‍स ने अपने बयान में कहा, 'एसेक्स पूरे काउंटी और आसपास के क्षेत्रों में बहु-विविध समुदायों के भीतर अपने काम पर गर्व करता है। पर्याप्त समय के लिए, एसेक्स के पास विभिन्न पृष्ठभूमि, धर्मों और दौड़ के खिलाड़ियों के साथ एक बहु-विविध टीम है, जहां क्रिकेट इन समुदायों के दिल में है। क्लब ने बहुत कड़ी मेहनत की है और यह किसी को भी और हर किसी के लिए क्रिकेट लाना जारी रखेगा, और विविधता पर शिक्षित करेगा, लेकिन आगे का काम खेल और समाज दोनों में सामान्य रूप से किया जाना चाहिए, ताकि लोगों के ज्ञान को व्यापक बनाया जा सके और उन्हें सांस्कृतिक मतभेदों के बारे में अधिक जागरूक बनाया जा सके।'

एसेक्‍स और ईस्‍ट लंदन में नेशनल क्रिकेट लीग के सह-संस्‍थापक साजिद पटेल ने भी इस घटना के बाद जमकर भड़ास निकाली है। उन्‍होंने इस घटना को अपराध बताया और इंग्‍लैंड राष्‍ट्रीय टीम का उदाहरण दिया कि वह आदिल राशिद और मोइन अली के साथ किस तरह का बर्ताव करते हैं। पटेल ने कहा, 'मुझे यह बहुत बुरा लगा। जब इंग्‍लैंड के खिलाफ शैंपेन के साथ जश्‍न मनाते हैं तो वह अपने मुस्लिम साथियों का बखूबी ध्‍यान रखते हैं। 2019 विश्‍व कप ध्‍यान होगा जब मोइन अली और आदिल राशिद को किनारे जाने का इशारा किया गया था ताकि खिलाड़ी शैंपेन छिड़क सके।'

खुशी के बारे में आपको बता दें कि उन्‍होंने अगस्‍त 2020 में अपना फर्स्‍ट क्‍लास डेब्‍यू केंट के खिलाफ चेम्‍सफॉर्ड में किया और इस प्रारूप में चार मैच खेले। उन्‍हें फाइनल में खेलने का मौका नहीं मिला था। 


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