नई दिल्ली: इस समय आर्मीनिया और अजरबैजान में भयंकर युद्ध छिड़ा है, जिसकी वजह से हजारों की तादाद में लोगों की जान जा चुकी है। दोनों देशों के बीच अगर यह युद्ध जल्द नहीं थमा तो आने वाले समय में विश्व युद्ध की कगार पर पहुंच चुका है, क्योंकि दुनिया के कई इसे धार्मिक रंग में रंगने की कोशिश कर रहे हैं। जिनमें तुर्की और पाकिस्तान शामिल हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पाकिस्तान ने आर्मीनिया से लड़ने के लिए अजरबैजान में अपने सैनिकों को उतार दिया है, जबकि तुर्की ने भी आतंकी संगठन आईएसआईएस के लड़कों को यहां पर भेज दिया है। बताया जा रहा है कि तुर्की इन आतंकियों को एक हजार से लेकर 1500 डॉलर रुपये सैलरी के रूप में दे रहा है, ताकि आर्मीनिया से लड़ा जा सके। ऐसे में रूस की नजर दोनों देशों पर टिकी हुई है।
पुतिन ने की आर्मीनिया प्रधानमंत्री से की बात
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों देशों के बीच चल रही इस लड़ाई से काफी चिंतित हैं। क्रेमलिन ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोलियन पशिनानन के बीच फोन पर युद्ध को लेकर चर्चा हुई। इससे पहले रूस ने तुर्की से आर्मीनिया और अजरबैजान के बीच लड़ाई को समाप्त करने में मदद करने का आह्वान किया। हालांकि अभी मामला दूसरी तरफ जाता दिख रहा है, क्योंकि आर्मीनिया रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसके एक एसयू -25 जेट को अजरबैजान के ऊपर संचालित एक तुर्की एफ -16 लड़ाकू विमान ने मार गिराया। हालांकि तुर्की और अजरबैजान ने रिपोर्ट का खंडन किया, लेकिन उसकी इस हरकत के बाद रूस खुद इस लड़ाई में कूद सकता है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने विमान गिराने की रिपोर्ट से पहले कहा कि रूस सभी देशों और "विशेष रूप से तुर्की जैसे राज्यों" को हिंसा रोकने के लिए युद्धरत पक्षों को मनाने के लिए सब कुछ करने की उम्मीद करता है। लेकिन जिस तरह से तुर्की ने खुलकर अजरबैजान का पक्ष लिया है, उससे रूस भड़क गया है और सैन्य सहायता या सैन्य गतिविधि के बारे में कोई जानकारी मिलने के बाद वह निश्चित ही आग में ईंधन का काम करेगा।
तुर्की से खुश नहीं रूस
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने आर्मीनिया से नागोर्नो-करबाख पर "कब्जे" को समाप्त करने की मांग की और इसे क्षेत्र छोड़ने के लिए कहा। लेकिन रूस खुश नहीं है। तुर्की के राष्ट्रपति ने यहां तक कहा कि आर्मीनिया क्षेत्र में शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा है। तुर्की ने पिछले महीने अजरबैजान के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था। इसने अजरबैजान का समर्थन करने के लिए देश के भीतर एक सेना और एक वायु सेना अड्डे की भी स्थापना की है। इस आक्रामक ने एर्दोगन को व्लादिमीर पुतिन के साथ मुश्किलों में डाल दिया।
रूस कर सकता है तुर्की और पाकिस्तान पर हमला
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) तुर्की (Turkey) और पाकिस्तान पर हमले का आदेश दे सकते हैं, क्योंकि रूस आर्मीनिया के साथ है जबकि तुर्की मुस्लिम देश अजरबैजान की पैरवी का कर रहा है। खबर है कि तुर्की और पाकिस्तान आतंकियों को अजरबैजान की तरफ से लड़ाई के लिए भेज रहे हैं। यदि तुर्की हमले का आदेश देते हैं, तो रूस और तुर्की के बीच भयानक जंग शुरू हो जाएगी और इस महायुद्ध में दुनिया की दूसरी महाशक्तियां भी शामिल होंगी।
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