नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (UPSC Civil Service Exam) को टालने वाली याचिका को खारिज कर दिया है. इसके बाद अब परीक्षा आयोजित होने के रास्ते में आने वाली सारी रुकावटें खत्म हो गई हैं. साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता को विनम्र रहने की भी हिदायत दी. कोर्ट ने कहा कि परीक्षा करवाना यूपीएससी की ड्यूटी है.
यूपीएससी ने 50 करोड़ खर्च होने की बात कही
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) एक अप्रत्याशित और असामान्य स्थिति है जिसकी वजह से परीक्षा को टाला जा सकती है. कोर्ट ने ये भी कहा कि यूपीएससी ने राज्य की इकाइयों से परिवहन की व्यवस्था करने को कहा है. यूपीएससी ने दलील देते हुए कहा कि परीक्षा आयोजित करने कि व्यवस्था कराने के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और अगर परीक्षा टाली गई तो काफी नुकसान उठाना पड़ेगा. कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से ये भी कहा कि सुरक्षा के जो इंतजाम कोर्ट ने किया है उसके बारे में बता दिया है अगर ज्यादा सुरक्षा की जरूरत है तो उस पर बहस कीजिए लेकिन परीक्षा टाली नहीं जा सकती.
31 मई को होनी थी परीक्षा
बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के चलते सिविल सर्विस प्रारंभिक परीक्षा को टालने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में डाली गई थी. जिस पर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए इसे खारिज कर दिया. इसके पहले इस मामले पर 28 सितंबर को सुनवाई हुई थी. उस दिन कोर्ट ने यूपीएससी से हलफनामा दाखिल करने को कहा था. उस दिन भी आयोग ने कहा था कि परीक्षा को टालना असंभव है. पहले परीक्षा 31 मई को होने वाली थी जिसे बाद में टाल कर 4 अक्टूबर कर दिया गया था

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