नाइट्रोजन से पूछे जाने वाले सभी तथ्‍य

● वायु में नाइट्रोजन की मात्रा 78% होती है।


● नाइट्रोजन आवर्त सारणी के वर्ग 15 का तत्‍व है।


● नाइट्रोजन की परमाणु संख्‍या 7 होती है।


● नाइट्रोजन p ब्‍लॉक का तत्‍व है।


● पेड़-पौधे मिट्टी से नाइट्रोजन को नाइट्रेट्स के रूप में प्राप्‍त करते हैं।


● यूरिया में नाइट्रोजन की 46% मात्रा पायी जाती है।




● जीवधारी नाइट्रोजन को पेड़ पौधों से प्रोटीन के रूप में प्राप्‍त करते हैं।


● प्रयोगशाला में अमोनियम क्‍लोराइड और सोडियम नाइट्राइड के मिश्रित घोल को 700°C तक गर्म करके नाइट्रोजन गैस बनायी जाती है।


● नाइट्रोजन का सबसे प्रमुख व्‍यापारिक उपयोग अमोनिया के उत्‍पादन में होता है, जो अमोनियम सल्‍फेट नामक उर्वरक बनाने में प्रयुक्‍त होता है।


● कृत्रिम गर्भाधान के लिए बैल के वीर्य को द्रव नाइट्रोजन में रखा जाता है।


● नाइट्रोजन विघुत बल्‍बों में तथा उच्‍च ताप मापने वाले तापमापी में भरने के काम में आता है।


● कैल्सियम सायनाइड (CaCN2) को नाइट्रोलिम के नाम से जाना जाता है, जिसका उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाता है।


अमोनिया – अमोनिया नाइट्रोजन का एक स्‍थायी हाइड्राइड है। सर्वप्रथम प्रीस्‍टले ने 1774 में अमोनियम क्‍लोराइड तथा लाइम के मिश्रण को गर्म करके अमोनिया गैस प्राप्‍त की और उसका नाम क्षारीय वायु रखा। अमोनिया का औघोगिक पैमाने पर उत्‍पादन हैबर विधि द्वारा किया जाता है। अमोनिया को सूंघने पर छींक तथा आंखों में आंसू आ जाते हैं। उच्‍चद दाब पर अमोनिया को कार्बन डाइऑक्‍साइड के साथ गर्म करने पर कार्बनिक यौगिक यूरिया प्राप्‍त होता है।


● द्रवित अमोनिया का उपयोग रेफ्रीजरेटरों में बर्फ जमाने के काम में होता है।


● यूरिया के निर्माण में, सफाई के काम में चिकनाई दूर करने के लिए होता है।


● ओस्‍टवाल्‍ड विधि द्वारा नाइट्रिक अम्‍ल तथा सौल्‍वे विधि द्वारा सोडियम कार्बोनेट के उत्‍पादन में प्रयोगशाला में प्रतिकारक के रूप में होता है।


● द्रव अमोनिया की बोतलों को कुछ समय तक बर्फ में रखने के बाद खोला जाता है, क्‍योंकि द्रव अमोनिया का वाष्‍प दाब अधिक होता है।


2. नौसादर – नौसादर का व्‍यापारिक नाम अमोनियम क्‍लोराइड (NH4Cl) होता है।


3. नाइट्रस ऑक्‍साइड – नाइट्रस ऑक्‍साइड गैस को अल्‍प मात्रा में सूंघने पर हंसी आती है, इसी कारण इसे हसाने वाली गैस (Laughing Gas) के नाम से जाना जाता है। चीड़-फाड़ या दांत उखाड़ते समय बेहोश करने के लिए ऑक्‍सीजन के साथ नाट्रस ऑक्‍साइड का मिश्रण निश्‍चेतक के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसकी खोज का श्रेय प्रीस्‍टले को ही जाता है। यह मिट्टी में उपस्थित चूना या अन्‍य क्षारीय पदार्थों से संयोग कर नाइट्राइट और नाइट्रेट बनाते हैं, जिसे पौधे ग्रहण करते हैं।


4. नाइट्रिक अम्‍ल – प्रयोगशाला में नाइट्रिक अम्‍ल का औघोगिक पैमाने पर उत्‍पादन ओस्‍टवाल्‍ड विधि, बर्कलैंड विधि और वकयंत्र विधि द्वारा किया जाता है।


● इसका उपयोग सोने एवं चांदी को शुद्ध करने में, डायनामाइट, पिक्रिक अम्‍ल, ट्राइनाइट्रो टॉल्‍वीन, नाइट्रो बेंजीन आदि विस्‍फोटकों के निर्माण में होता है।


5. अम्‍लराज – सान्‍द्र नाइट्रिक अम्‍ल (HNO3) तथा सान्‍द्र हाइ‍ड्रोक्‍लोरिक अम्‍ल (HCl) को 1:3 के अनुपात में मिलाने पर जो मिश्रण प्राप्‍त होता है उसे अम्‍लराज (Aquaregia) कहते हैं जिसमें सोना, प्‍लेटिनम धातु घुल जाते हैं।


● कार्बन डाइसल्‍फाइड के साथ नाइट्रिक ऑक्‍साइड को मिश्रित कर उसका उपयोग फ्लैश फोटोग्राफी में किया जाता है।


● सिन्‍द्री (झारखण्‍ड) के उर्वरक कारखाने में अमोनियम सल्‍फेट का उत्‍पादन किया जाता है।


● सोडियम नाइट्रेट को चिली साल्‍टपीटर कहा जाता है।


● पोटैशियम नाइट्रेट को शोरा कहा जाता है।


● अमोनियम कार्बोनेट को स्‍मेल्टिंग साल्‍ट कहते हैं।


● हाइड्राजीन का प्रयोग रॉकेट ईंधन के रूप में होता है।


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