Circuit Filter: क्या होता है सर्किट फिल्टर? स्टॉक, शेयर बाजार और निवेशकों के लिए क्या हैं मायने

 

Circuit Filter: आज के कारोबार में छोटे और मझोले के कई शेयरों में 10 से 20 फीसदी की जोरदार तेजी है.

Circuit Filter: आज के कारोबार में छोटे और मझोले के कई शेयरों में 10 से 20 फीसदी की जोरदार तेजी है.

Circuit Filter in Stock & Stock Market: आज के कारोबार में छोटे और मझोले के कई शेयरों में 10 से 20 फीसदी की जोरदार तेजी है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई में लिस्टेड 302 शेयरों के सर्किट फिल्टर आज से बदल गए हैं. इनमें ज्यादातर मिडकैप और स्मालकैप स्टॉक शामिल हैं. कुछ शेयरों में सर्किट फिल्टर 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है तो कई में 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी. नए सर्किट फिल्टर लागू होने के बाद आज कई मिडकैप और स्मालकैप शेयरों में 10 से 16 फीसदी तक तेजी देखने को मिली है. कई में अपर सर्किट लगा है. आखिर क्या होता है सर्किट फिल्टर और निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने….

सर्किट फिल्टर बदलने से इन शेयरों में जोरदार तेजी

सर्किट फिल्टर बदलने से मिडकैप और स्मालकैप शेयरों में जोरदार तेजी आई है. सोरिल इंफ्रा रिसोर्सेज में 20 फीसदी, जेपी पावर में 20 फीसदी, शेमरू में 20 फीसदी, कामधुनू में 20 फीसदी, जियोजीत फाइनेंस में 20 फीसदी, जेपी एसोसिएट्स में 20 फीसदी, जेपी इंफ्रा में 20 फीसदी, IFCI में 18 फीसदी, सुवेन में 18 फीसदी, सेरीब्रा इंटीग्रेटेड टेक में 17 फीसदी, MEP में 17 फीसदी, आशियाना हाउसिंग में 16 फीसदी तेजी, टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स में 16 फीसदी तेजी और SDBL में 15 फीसदी के करीब तेजी देखने को मिली है. इसके अलावा भी कई शेयर हैं, जिनमें 10 फीसदी या उससे ज्यादा तेजी देखी जा रही है.

क्या होता है सर्किट फिल्टर

यह मार्केट रेगुलेटर की तरफ से बनाई गई प्राइस लिमिट होती है. इससे यह तय होता है कि कोई शेयर किता उपर या नीचे जा सकते हैं. जब भी किसी शेयर में तय लिमिट से ज्यादा तेजी या गिरावट आती है, उस शेयर में ट्रेडिंग बंद हो जाती है. मसलन अबर किसी शेयर का भाव 100 रुपये है और उसमें सर्किट फिल्टर 10 फीसदी है तो 110 रुपये के भाव पर जाते ही उस शेयर में ट्रेडिंग रोक दी जाती है. इसी तरह से लोअर लिमिट पर भी ट्रेडिंग रुक जाती है.

स्टॉक एक्सजेंस के लिए

सर्किट लिमिट से ही तय होता है कि एनएसई या बीएसई के निफ्टी और सेंसेक्स जैसे इंडेक्स एक दिन में कितना ऊपर-नीचे जा सकते हैं. इनमें फिल्टर 10 फीसदी, 15 फीसदी और 20 फीसदी की तेजी या गिरावट पर लगता है. इसके बाद कूलिंग ऑफ पीरियड होता है.

10 फीसदी सर्किट: अगर 10 फीसदी की तेजी या गिरावट 1 बजे से पहले आती है, जो बाजार में एक घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है. 45 मिनट बाद 15 मिनट के प्री ओपन सेशन के बाद कारोबार दोबारा शुरू होता है. वहीं, 1 बजे के बाद ऐसा होता है तो कारोबार 30 मिनट के लिए रुख जाता है. 2.30 बजे के बाद 10 फीसदी का सर्किट लगने पर कारोबार जारी रहता है.

15 फीसदी सर्किट: अगर इंडेक्स में 15 फीसदी का सर्किट 1 बजे से पहले आती है, तो बाजार में 2 घंटे के लिए कारोबार रोक दिया जाता है. दोपहर 1 बजे के बाद 15 फीसदी गिरावट आने पर एक घंटे के लिए कारोबार रुकता है. लेकिन 2.30 बजे के बाद 15 फीसदी का सर्किट लगे तो कारोबार जारी रहता है.

20 फीसदी का सर्किट: अगर सेंसेक्स या निफ्टी में 20 फीसदी का सर्किट लगे तो उस दिन शुरू नहीं किया जाता है. बाजार उस दिन के लिए बंद हो जाता है और अगले ही दिन उसमें ट्रेडिंग शुरू की जाती है.

सर्किट फिल्टर का क्या है उद्देश्य

सर्किट फिल्टर का उद्देश्य खासतौर से बाजार में बड़ी उठापठक को रोकना है. वोलैटिलिटी के समय इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है. सर्किट फिल्टर बाजार के भागीदारों को संभलने का वक्त देता है. इसेस किसी शेयर या एक्सजेंस में बड़ी तेजी या बड़ी गिरावट को रोका जाता है. इसे ऐसे समझ सकते हें कि अगर किसी पार्टिकुलर कंपनी के बारे में ट्रेडिंग आवर के समय कोई बड़ी निगेटिव खबर आती है तो उस कंपनी के शेयर में भारी गिरावट आ सकती है. लेकिन सर्किट फिल्टर होने से वह तय लिमिट में ही कमजोर हो सकता है.



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