
31 दिसंबर 2018. कानपुर के रहने वाले ओमेंद्र सोनी की कार एक वाशिंग सेंटर के बाहर से चोरी हो गई. रिपोर्ट लिखाई, बहुत तलाश किया, लेकिन नहीं मिली. दो साल बाद बुधवार 30 दिसंबर, 2020 को उनके पास एक फोन आया. सर्विस सेंटर से. पूछा कि क्या कार सही चल रही है. अब सोनी जी का माथा ठनक गया. मामला पूरा खुला तो कानपुर पुलिस का भी माथा ठनक गया. बताते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या था.
कानपुर में एक जगह है. नाम है बर्रा. यहीं बर्रा थाने में सोनी ने अपनी कार की चोरी का मामला दर्ज करा दिया था. बुधवार को सर्विस सेंटर से ओमेंद्र के पास फीडबैक कॉल आया. ये फोन चेसिस नंबर के आधार पर गाड़ी के मालिक को किया गया था. फोन आने पर ओमेंद्र चौंक गए. उन्होंने तमाम सवाल कर डाले. इसके बाद वह सीधे सर्विस सेंटर पहुंचे तो पता चला कि कार बिठूर थाने के कोतवाल कौशलेंद्र प्रताप सिंह को सर्विस के बाद दी गई थी. अब ये जानकारी मिलने पर सोनी कार के लिए थानेदार साहब के पास पहुंच गए.
खुल ही गया मामला
खबर छुपाए छुप ना सकी. आला अधिकारियों तक बात पहुंच गई. मामला खुला तो थानाध्यक्ष ने कार को थाने में दाखिल कर दिया. लेकिन अधिकारियों ने रिपोर्ट तलब कर ली. कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने सीनियरों को जो रिपोर्ट भेजी उसमें बताया कि 14 दिसंबर को कार उन्हें लावारिस स्थिति में खड़ी मिली थी. कार को थाने ले आया गया. उसी दिन इलाके में एक जगह बवाल हो गया. थाने में दूसरा वाहन ना होने के कारण बिना अनुमति कार ले जाई गई. लेकिन चूंकी कार में खराबी आ गई थी लिहाजा सर्विस सेंटर पर ठीक कराया गया और फिर से थाने पर खड़ा कर दिया गया.
दोषियों पर होगी कार्रवाई- आईजी
हालांकि पीड़ित यानी ओमेंद्र सोनी ने इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है और ना ही मीडिया में कोई बयान दिया है, लेकिन पुलिस की किरकिरी होती देख कानपुर रेंज के आईजी मोहित अग्रवाल ने जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह वाहन का इस्तेमाल गलत है. आईजी ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
इंडिया टुडे ग्रुप से जुड़े संवाददाता रंजय कुमार ने बताया कि इस मामले में कुछ पुलिसवालों के खिलाफ तस्करा (एक तरह की कार्रवाई) डाला गया है. सीओ कल्याणपुर को जांच सौंपी गई है. अधिकारियों के मुताबिक जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
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