
नई दिल्ली: हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में की गई एक शोध के अनुसार अमेरिका में कोरोना की वैक्सीन की जल्द से जल्द आवश्यकता है, यदि ऐसा न हो पाया तो सोशल डिस्टेंसिंग की प्रक्रिया अगले दो वर्ष तक जारी रखनी पड़ सकती है.
स्कूल बंद रह सकते हैं 2022 तक
कोरोना महामारी से बुरी तरह पीड़ित अमेरिका में अगर कोरोना का एंटी डॉट जल्दी न मिल सका तो इसका जनजीवन पर बुरा परिणाम पड़ सकता है और सोशल डिस्टेंसिंग को सन 2022 तक जारी रखना पड़ सकता है जिसके अंतर्गत भीड़ वाले स्थानों और स्कूलों का बंद होना वर्ष 2022 तक जारी रखना पड़ेगा. यह जानकारी दी है हार्वर्ड टीएच चान स्कूल के शोधकर्ताओं ने बताया. उनके शब्दों में अमेरिका में अभी आगे कुछ समय तक सोशल डिस्टेंसिंग लोगों की जिंदगी का हिस्सा बना रह सका है.
राष्ट्रपति कार्यालय का विरोधी दावा है यह
राष्ट्रपति कार्यालय से किये गए दावे के अनुसार इस साल गर्मियों तक कोरोना महामारी पर काबू पा लिया जाएगा. किन्तु अब आये हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोध परिणाम ने इस दावे को उलटा खड़ा कर दिया है. ये रिसर्च रिपोर्ट यूनिवर्सिटी के रिसर्च जर्नल साइंस में प्रकाशित की गई है जिसमें शोधकर्ताओं ने कोरोना की आज की स्थिति का आकलन करके ये अनुमान लगाया है.
शोधकर्ताओं के अनुसार - जब तक अमेरिका में कोरोना से गंभीर रूप से पीड़ित रोगियों के उपचार हेतु सुविधाएं नहीं बढ़ जाती हैं या एंटी कोरोना वैक्सीन नहीं बन जाती है, तब तक कुछ-कुछ अंतराल के साथ अगले दो सालों तक सोशल डिस्टेंसिंग को चलाये रखने की जरूरत रहेगी.
चार साल बाद फिर आ सकता है विषाणु
कोरोना का विषाणु 2024 में दुबारा अमेरिका पर हमला कर सकता है. समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि कोरोना के खात्मे के बाद भी इस संक्रमण पर लगातार नजर रखने की जरूरत होगी, क्योंकि यह संक्रमण दुबार चार साल बाद वापस लौट सकता है.
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