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अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल के दाम में लगातार गिरावट जारी है और इसका दाम काफी कम हो गया है। ब्रेंट क्रूड का दाम 11.61 फीसदी घटकर 22.55 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ गया था। क्रूड आयल के दाम में भारी गिरावट को देखते हुए भारत सरकार ने ऑइल रणनीति पर आगे बढ़ना शुरू दिया।

कहा जा रहा है कि भारत क्रूड आयल का रिजर्व बढ़ाएगा, वहीं पेट्रोल और डीजल पर एक बार फिर एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी की जा सकती है। यह बढ़ोतरी 2 रुपए प्रति लीटर की हो सकती है।

सरकार ने 14 मार्च को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। इससे सरकारी खजाने में करीब 39,000 करोड़ रुपये का इजाफा होने का अनुमान लगाया गया था। इस समय सरकार को पैसे की काफी जरूरत है और इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ये फैसला ले सकती है।

भारत ब्रेंट क्रूड का आयात करता है। इसके दाम में लगातार गिरावट का दौर जारी है, लेकिन फिर भी 15 दिन में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई कटौती नहीं की गई है।

एक्साइज ड्यूटी में बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़े, क्योंकि तेल कंपनियों को इसकी जरूरत नहीं पड़ी। गिरते कच्चे तेल के दाम से इसका आयात सस्ता हो गया है। इसलिए इसकी कीमत बढ़ाने की सरकार को जरूरत नहीं पड़ी है।

एक्साइज ड्यूटी बढ़ने के बावजूद पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम नहीं बढ़ेंगे। तेल कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जिस हिसाब के क्रूड के दाम गिरे हैं और गिर रहे हैं, उस हिसाब से पेट्रोल और डीजल के दामों में 4 से 5 रुपये की कटौती की गुंजाइश बनती है। लेकिन सरकार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाती है तो इसका सीधा लाभ सरकार को होगा और कम कीमत पर पेट्रोल मिलने से पेट्रोल की कीमतों में भी बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। सरकार का ऑइल रिजर्व 5.03 से 11.5 मिलियन टन करने का लक्ष्य है। फिलहाल भारत के पास 9 दिन का रिजर्व है। सरकार रिजर्व बढ़ाकर 15-20 दिन कर सकती है।

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