
खुशबू पूनिया
16 बार नेशनल हैंडबाल चैंपियनशिप में पदक जीत चुकीं लाडवा की खुशबू पूनिया लॉकडाउन में भी अपना अभ्यास जारी रखने के लिए सुबह खेत में पेड़ों पर बीम लगा रही हैं। वहीं परिवार का हाथ बंटवाने के लिए दिन में गेहूं काट रही हैं। खुशबू जूनियर एशियन महिला हैंडबाल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं।
किसान की बेटी खुशबू ने बताया कि वह फिट रहने के लिए घर पर योग और एक्सरसाइज भी कर रही हैं। खुशबू डिवाइन लाइट स्कूल में हैंडबाल कोच महाबीर पूनिया और अशोक पूनिया के पास प्रशिक्षण लेती हैं। मगर लॉकडाउन के कारण कोई खिलाड़ी घर पर अभ्यास कर रहे हैं तो कोई खेत में पसीना बहा रहे हैं। खुशबू ने बताया कि उसका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है। वह पांच स्वर्ण, सात रजत और चार कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
कोच ने बनाए दो ग्रुप, रोजाना ग्रुप में दिए जाते हैं निर्देश
लॉकडाउन में कोच की ओर से हौसलों की उड़ान और लाडवा गर्ल्स हैंडबाल के नाम से ग्रुप बनाए हैं। ग्रुप में रोजाना खिलाड़ियों को खेल से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है, जबकि लाडवा गर्ल्स हैंडबाल के नाम से बनाए गए ग्रुप में खिलाड़ियों को स्ट्रेंथ, कोर, एक्सरसाइज, योग में इंजन दौड़ व सूर्य नमस्कार कैसे करना है, के बारे में बताया जाता है। खिलाड़ी भी अभ्यास करने के फोटो भी शेयर करते हैं।
आठ साल पहले सात खिलाड़ी करती थीं अभ्यास, अब 40 हुई संख्या
लाडवा में हैंडबाल का अभ्यास करवा रहे कोच महाबीर पूनिया ने बताया कि आठ साल पहले सिर्फ सात ही खिलाड़ी अभ्यास करने आती थीं। उस समय खिलाड़ियों को घर से अभ्यास करने को बुलाना पड़ता था। उसके बाद खिलाड़ियों में रुचि बढ़ती गई।
आज लाडवा में 40 बेटियां हैंडबाल का अभ्यास कर रही हैं। इनमें 20 नेशनल और दो इंटरनेशनल भी शामिल हैं। कोच महाबीर पूनिया ने बताया कि वर्ष 2016-17 में सतपाल ढांडा ने भी लाडवा में कोच के रूप में सेवाएं दीं। अब सतपाल ढांडा जिला खेल अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
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