कोरोना वायरस को लेकर अपनी एक ट्वीट की वजह से पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरन बेदी जमकर ट्रोल हो गई हैं। दरअसल, उन्होंने एक ऐसा वीडियो शेयर किया, जिसमें बहुत सारे चूजे इधर-उधर भाग रहे थे। लेकिन, उस वीडियो पर कैप्शन में उन्होंने चूजों के अंडों से बाहर निकलने के जो तर्क दिए, वह यूजर्स के गले नहीं उतरा और लोगों ने उनकी जमकर खिंचाई शुरू कर दी।

Kiran Bedis claim that chicks came out from those eggs which thrown out of fear of Corona, trolled
दरअसल, पिछले दिनों ऐसी कई खबरें आई थीं कि कोरोना वायरस के डर से लोग अंडे नहीं खरीद रहे और चिकन खाना कम कर दिया है। शायद इसी के मद्देनजर पुडुचेरी की उपराज्यपाल ने चूजों का वीडियो शेयर कर अंग्रेजी में जो कुछ लिखा उसका हिंदी कुछ इस तरह से है- 'कोरोना की वजह से जो अंडे कूड़े में फेंक दिए गए थे, एक हफ्ते के बाद वो फूट गए। यह प्रकृति की रचना है। जीवन के अपने रहस्यमय तरीके हैं......'
दरअसल, पूर्व आईपीएस अफसर का तर्क मौजूद तथ्यों से मेल नहीं खाया। जो अंडे खाने के लिए बाजार में पहुंचते हैं वह फर्टिलाइज्ड नहीं होते यानि उससे बच्चे नहीं निकल सकते। अलबत्ता समय के साथ वह खराब जरूर हो सकते हैं। यानि अगर अंडे फेंके भी गए थे तो उससे चूजे निकलने की कोई संभावना ही नहीं हो सकती।
एक मिनट के लिए मान लें कि फर्टिलाइज्ड अंडे ही फेंके गए होंगे, लेकिन वैसे अंडों से भी चूजे निकलने के लिए उसे 21 दिनों तक 37 डिग्री तापमान में इंक्यूबेशन में रहना जरूरी है।
बस यही वजह है कि ट्विटर पर बेदी को जमकर निशाना बनाया जा रहा है। रूपा सुब्रमण्या लिखती हैं, 'उन्होंने आखिर आईपीएस/सिविल सर्विस परीक्षा कैसे पास किया? कैसे?'
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