14 वर्ष की उम्र में बन गया बाप और माँ की उम्र थी मात्र 15 वर्ष, फिर नाबालिग मां की हो गई मृत्यु

आदिवासी समाज की नाबालिग प्रसूता ने बच्चे को जन्म देने के बाद ही दम तोड़ दिया। अब नाबालिग पिता बच्चे को पालने में भी असमर्थ है। आर्थिक तंगी और परिवार में कोई और सदस्य नहीं होने के कारण उसने 17 दिन के नवजात को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया है।

आपको बता दें की यह मामला पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के पाडरकोला गांव का है। नाबालिग विवाहिता बच्चे को जन्म देने के दो दिन के बाद ही दुनिया छोड़ गई। वह काफी ज्यादा बीमार थी। आर्थिक तंगी के चलते उसका प्रसव अस्पताल की जगह गांव में ही कराया गया। नवजात के मां-बाप की उम्र क्रमश: 15 व 14 वर्ष की होगी। चाइल्ड लाइन से सूत्रों ने बताया कि बच्चे को सौंपने वाले पिता ने अपने आवेदन मे लिखा है पत्नी को क्या बीमारी थी, इस बारे में वह नहीं जानता।

चाइल्ड लाइन के कौशल किशोर के मुताबिक बच्चे के पिता ने खुद ही बुधवार को चाइल्ड लाइन कार्यालय पहुंच कर बेटे को सौंप दिया। चाइल्ड लाइन ने बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद सदर अस्पताल में भर्ती करा दिया। बच्चे के इलाज के दौरान टीम के सदस्य 24 घंटे रहे।

कौशल किशोर ने बताया कि बच्चा अभी उनके संरक्षण में ही है। और फिर बाद में उसको बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। वहां से निर्देश मिलने पर विशेष दत्तक ग्रहण संस्था को भेजा जाएगा। बाल कल्याण समिति के सदस्य विनोद प्रमाणिक ने बताया कि बच्चे के पिता ने आर्थिक स्थिति दयनीय होने के कारण पालने में असमर्थता जताई है।

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