शिक्षकों को 15 मई तक मुख्यालय पहुंचने की बाध्यता नहीं



जयपुर. मुख्यालय छोड़कर रेड जोन में रह रहे शिक्षकों की ड्यूटी कोरोना में नहीं लगाई जाएगी। उन्हें अपने पीईईओ को फोन कर अपनी लोकेशन बतानी होगी। सबूत के तौर पर लाइव लोकेशन भेजनी होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी आदेशों में में कहा गया है कि रेड जोन के कार्मिकों को छोड़कर लॉकडाउन अवधि में मुख्यालय से बाहर रहे कार्मिकों को प्राथमिकता से ड्यूटी पर लगाया जाएगा।

शिक्षा राज्यमंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने बताया कि विभिन्न मुख्यमंत्री के निर्देर्शों पर यह तय किया गया है कि शिथिलन प्राप्त श्रेणियों को छोड़कर लॉकडाउन अवधि में मुख्यालय से बाहर रहे शिक्षकों एवं कार्मिकों को केवल आवश्यकता पडऩे पर ही ड्यूटी पर लगाया जाएगा। शिक्षकों को 15 मई तक मुख्यालय पहुंचने की बाध्यता नहीं है। उन्होंने बताया कि विशेष श्रेणियों में शिक्षकों को ड्यूटी से शिथिलन प्रदान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। इसके अंतर्गत वर्तमान में आवागमन हेतु निषिद्ध क्षेत्रों एवं रेड जोन में निवासरत कार्मिकों के मुख्यालय पर उपस्थिति के संबंध में निर्देशित क्षेत्रों से आवागमन हेतु अनुमति या शिथिलता प्राप्त होने तक के लिए छूट प्रदान की जाएगी।

इसी तरह संबंधित अधिकारी दिव्यांग, असाध्य रोग से ग्रसित कार्मिक, विधवा अथवा परित्यक्ता या एकल महिला, दो वर्ष से कम आयु की सन्तान वाली महिला कार्मिक, दो वर्ष से कम सेवानिवृति अवधि वाले कार्मिकों को भी ड्यूटी से शिथिलन प्रदान किया जाएगा। डोटासरा ने बताया कि रमजान माह में रोजेदार कार्मिकों को संबंधित अधिकारियों द्वारा अन्य कार्मिकों का विकल्प उपलब्ध होने की स्थिति में यथा संभव कोराना ड्यूटी से मुक्त रखे जाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जिला प्रशासन से समन्वय करते हुए कोविड-19 से संबंधित ड्यूटी हेतु पर्याप्त कार्मिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। शेष कार्मिकों को आवश्यकता होने पर दूरभाष निर्देश पर मुख्यालय पर उपस्थित होने के लिए पाबंद करने हेतु आदेश जारी किए गए हैं।

15 मई तक मुख्यालय पहुंचने की बाध्यता नहीं है। पीईईओ जरूरत के अनुसार ड्यूटी लगाने या नहीं लगाने पर निर्णय ले सकते हैं।

गोविंद सिंह डोटासरा, शिक्षा राज्यमंत्री

Post a Comment

0 Comments