जानिए वर्ल्ड कप 1996 में भारत से हारने के बाद कहां-कहां छिपे पाकिस्तानी क्रिकेटर

टीम इंडिया क्रिकेट वर्ल्ड कप में आज तक पाकिस्तान के खिलाफ अजेय रही है. अब दोनों टीमों की विश्व कप के दौरान 7 बार आमाने-सामने हुईं लेकिन हर बार भारतीय क्रिकेट टीम के आगे उसे मुंह की खानी पड़ी. साल 1996 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान भारत से हारने के बाद पाकिस्तानी क्रिकेटर्स को जान बचाना मुश्किल हो गया था.




क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच खेले क्रिकेट मैचों के दौरान पाकिस्तान की टीम आज तक टीम इंडिया से मुकाबला नहीं जीत पाई है. ये दोनों देश क्रिकेट वर्ल्ड कप में अब तक 7 बार भिड़ चुके हैं. हर बार भारत की टीम पाकिस्तान को पटखनी देने में सफल रही. भारत के अलावा पाकिस्तान की टीम दुनिया के किसी भी देश से मैच हार जाए तो वहां के क्रिकेट फैन्स को उतनी तकलीफ नहीं होती. लेकिन अगर भारत से पाकिस्तान की टीम हारती है तो पाकिस्तानी फैन्स बर्दाश्त नहीं कर पाते.

ऐसा ही कुछ 1996 क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान भी हुआ. भारत ने इस वर्ल्ड कप में फाकिस्तान को 39 रनों से हराया था. भारत से हारने बाद पाकिस्तानी खिलाड़ी इतना डरे हुए थे कि वे अपने देश भी नहीं गए. इस बात का खुलासा खुद सकलैन मुस्ताक ने किया है. सकलैन भारत के खिलाफ बेंगलुरु में खेले गए वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल मुकाबले में चोट के चलते प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं थे. वह टीम में 12वें खिलाड़ी के तौर पर थे.

सकलैन मुस्ताक ने अपने यूट्यूब चैनल पर 1996 में भारत के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच की यादें ताजा करते हुए कहा, मैं वो मैच चोट के कारण नहीं खेल पाया मैं 12वां खिलाड़ी था. उन्होंने कहा कि भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग की. पाकिस्तान का अच्छा स्टार्ट था, लेकिन अंत के ओवर में जडेजा ने कुछ ऐसी इनिंग्स खेली जिसके बाद सारा प्रेशर पाकिस्तान पर आ गया.

सकलैन के मुताबिक हमारे सुपर स्टार बॉलर वकार युनिस का एक ओवर बहुत ही बुरा गया. उस समय लोगों ने बातें की कि वकार यूनिस खत्म हो गया है. इसमें वो चीज नहीं रही. उन्होंने कहा कि ये वकार यूनिस के लिए बहुत कड़वी याद थी. दरअसल पाकिस्तान की तरफ से 48वां ओवर वकार यूनिस ने फेंका जिसमें अजय जडेजा और अनिल कुंबले ने 22 रन बनाए थे.

सकलैन ने कहा कि इस वर्ल्ड कप मैच के बाद मेरी भी रातों की नींद उड़ी रही, ये पाकिस्तान टीम के लिए भी कड़वी याद थी, भारत ने अपना प्रेशर पाकिस्तान पर काफी हैवी कर दिया था, मूमेंटम भारत के साथ चला गया.

उसके बाद पाकिस्तान की पारी का आगाज हुआ. आमिर सुहैल और सईद अनवर ने आउटस्टैंडिंग शुरुआत दी. उनके बल्लों ने रन उगलना शुरू किया, इस दौरान सईद अनवर की बैट की ग्रिप ने कुछ गड़बड़ किया जिसके बाद उन्होंने ग्रिप बदलने का इशारा किया.

सकलैन ने कहा कि मैं बैट की ग्रिप लेकर गया और पानी की बोतल भी, बैट की ग्रिप चेंज की गई उन्होंने पानी पिया. सईद अनवर ने उसी मूमेंटम में अपनी पारी को आगे बढ़ाया लेकिन वह आउट हो गए, सकलैन के आउट होने के बाद आमिर सुहैल और वेंकटेस प्रसाद के बीज कुछ अनबन हुई.

आमिर सुहैल ने एक चौका मारा, उसके बाद इशारा किया कि ये देखों मैंने तुम्हें यहां पर उठाकर फेंका है, मैं दोबारा फिर तुम्हे सजा दूंगा. इस दौरान प्रसाद ने अपना फोकस नहीं खोया आमिर सोहैल अपना फोकस खो गए प्रसाद ने बहुत अच्छा गेंद किया बिलुकल इन टू द स्पंट और सोहैल बोल्ड हो गए. उन्होंने कहा कि जब दोनों विकेटे गिरीं तो ऐसा लगा कि जमीन पांव के नीचे से खिसक गई हो. उसके बाद से पूरा प्रेशर शिफ्ट होकर पाकिस्तान पर आ गया.

सकलैन ने कहा क्वार्टर फाइनल मैच के हारने के बाद ड्रेसिंग रूप में उदास बैठे थे ऐसा लगा कि दुनिया लुट गई हो. उन्होंने कहा कि मैच हारने के बाद हमारी फ्लाइट दिल्ली से लाहौर आनी थी, इसके बाद खबर दी गई कि लाहौर न आएं. पूरा लाहौर एयर पोर्ट पर खड़ा है. वो टीम का इस्तकबाल गलत अंदाज में करेंगे. वे क्रिकेटरों को छोड़ना नहीं चाह रहे हैं.

इसके बाद हमारी फ्लाइट चेंज की गई हमारी फ्लाइट दिल्ली के बजाय बॉम्बे चेंज की गई. बॉम्बे से हम कराची गए. जिन खिलाड़ियों के पास दूसरे देशों के वीजा था वे बॉम्बे से ही दुबई या दूसरे देशों चले गए. सकलैन ने कहा मुझे पाकिस्तान आना ही था मेरे पास किसी दूसरे मुल्क का वीजा नहीं था.

सकलैन के मुताबिक, मैं रात की फ्लाइट से कराची आया. कराची एयरपोर्ट के अंदर मिडवे होटल था. मैंने कुछ रातें वहां पर गुजारीं, मैं होटल का खाना खा-खा कर तंग आ चुका था इसके बाद मैंने अपने कराची के एक दोस्त को फोन किया कि मेरा कुच चटपटा खाने का मन कर रह है वो अपने घर से खाना लेकर आए, मैंने उनसे कहा कि मैं यहां पर अकेले बोर हो गया हूं कुछ दिन मेरे पास रुको. मेरे दोस्त एक दिन और एक रात मेरे साथ होटल में रुके.

उसके बाद सकलैन ने कहा कि मुझे रात में एक फ्लाइट कराची से लाहौर मिली. वह रात 12 या 1 बजे की फ्लाइट थी. मैं सुबह दो ढाई बजे लाहौर पहुंचा. जब मैं लाहौर अपने घर पहुंचा तो फिर छुप गया, हमें बताया गया था कि अभी बाहर न निकलो, थोड़ा चीजों को सेटल डाउन होने दो. मैं लाहौर में अपने घर में छुप गया, एक दो दिन बाद लोगों को पता चला कि मैं वापस आया हूं.

उन्होंने कहा कि इसके बाद लोग मेरे घर के बाहर इकट्ठा हो गए उन्होंने पत्थर मारने शुरू किए. मेरे वालिद ने उन्हें बताया कि बच्चा ये गेम है गेम को गेम की तरह समझो. इसे इतना सीरियस क्यों ले रहे हो. उन्होंने कहा इस तरह 1996 क्रिकेट वर्ल्ड कप से जुड़ी मेरी बहुत ही कड़वी यादें थीं.

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