लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार हो गए हैं बॉलीवुड के बाउंसर, खाने को भी पड़े लाले

लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार हो गए हैं बॉलीवुड के बाउंसर, खाने को भी पड़े लाले


फिल्मों के प्रचार के दौरान निगरानी करने तथा सार्वजनिक स्थानों और आउटडोर शूटिंग पर फिल्मी सितारों की सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले बॉलीवुड के बाउंसर, लॉकडाउन में काम ना मिलने के कारण परेशान हैं। फिल्म उद्योग में उनके हितों पर ध्यान देने के लिए उनका कोई संगठन भी नहीं है। जहां अलग-अलग संघों, परिषदों और फिल्मी संस्थानों से जुड़े दिहाड़ी मजदूरों को मदद मिल जा रही है वहीं सितारों को अतिरिक्त सुरक्षा देने वाले इन सैकड़ों बाउंसरों के पास काम न होने और पैसे नहीं मिलने के कारण इनका निर्वाह मुश्किल हो गया है।

एक वरिष्ठ बाउंसर ने बताया कि उद्योग में कई महिलाओं समेत कुल 700 बाउंसर हैं। ये बाउंसर सीधे फिल्मी सितारों से जुड़े नहीं होते बल्कि फिल्म जगत में काम निर्बाध चलते रहने में इनकी अहम भूमिका होती है। लेकिन कोविड-19 महामारी की वजह से 25 मार्च से फिल्म जगत में भी कोई शूटिंग या आयोजन नहीं हो रहा जो अब शायद तीन मई या उसके बाद भी नहीं हो पाएगा। इस कारण ये बाउंसर बेरोजगार हो गए हैं। 

“गंगूबाई”, “जीरो”, “कलंक” और “स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2” में बाउंसर और समन्वयक के रुप में काम करने वाली 42 वर्षीय फहमीदा अंसारी कहती हैं कि काम मिलने पर वे एक दिन में 700 रुपये कमा लेती थीं। लेकिन फिलहाल उनके पास कोई काम नहीं है और अकेली मां होने के कारण उन्हें बहुत परेशानी झेलनी पड़ रही है। किसी भी समूह या संघ का हिस्सा नहीं होने के कारण फहमीदा को नहीं पता कि वह मदद किससे मांगे। 

फहमीदा की तरह ही उस्मान भी फिल्म जगत में बाउंसर और समन्वयक का काम करते हैं। इस लॉकडाउन में काम ना मिलने की वजह से अपनी बीमार मां की देखभाल करने में भी उन्हें मुश्किलें आ रही हैं। अभिनेता अक्षय कुमार के बॉडीगार्ड के रुप में काम करने वाले श्रेयस थेले ने कहा कि बाउंसरों की हालत देखकर उन्हें दुख होता है। 

श्री के नाम से मशहूर थेले ने बाताया कि वे इन बाउंसरों की मदद के लिए दूसरे बॉडीगार्डों से कुछ पैसे इकठ्ठा कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ हमने कुछ पैसे जमा किए हैं, हम उन्हें या तो राशन या फिर पैसे दे देंगे। हम अपने नियोक्ताओं से इनकी मदद करने के लिए बात करने की योजना बना रहे हैं।” श्री ने यह भी कहा कि दो साल पहले सुरक्षा गार्ड और बाउंसरों के लिए एक संघ बनाया गया था लेकिन उसे सरकार की तरफ मंजूरी अब जाकर मिली है। 

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