फलों को खरीदते वक्त ऐसे फल तो आप सभी ने जरूर देखे होंगे जिनपर स्टीकर्स लगे होते है। ऐसे फल आपने खरीदे भी जरूर होंगे। फलों को धोते वक्त इन स्टीकर्स को निकालना काफी गुस्सा भी दिलाता है। आप में से कईं लोग सोचते होंगे कि आखिर ये स्टीकर्स फलों पर चिपकाते ही क्यूँ है। अगर आप सोचते है कि इन फलों को उगाने वाले फार्म की ब्रांडिंग के लिए ये स्टीकर्स चिपकाए जाते है। तो कुछ हद तक आप सही है। लेकिन इन स्टीकर्स को चिपकाने का मकसद इससे भी कईं ज्यादा होता है।
फल तो हम सभी खरीदते है और हम सब अच्छे फल ही खरीदना चाहते है। आजकल रसायनों से पके फलों की बाजार में बहुतायत है। फलों को समय से पहले पकाने के लिए इन पर कईं रसायनों का इस्तेमाल भी किया जाता है। ये फल सेहत के लिए काफी हानिकारक भी होते है। हम सभी चाहते है कि हम प्राकृतिक तरीके से तैयार हुए फल ही खाएं।
लेकिन फलों को देखकर तो इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि उनका उत्पादन किस तरह हुआ है। लेकिन हाँ फलों पर लगे स्टीकर्स से आप ये जान सकते है कि ये फल पूरी तरह से प्राकृतिक तरीके से तैयार किए गए है या इन पर रसायनों का इस्तेमाल किया गया है। यानि इन स्टीकर्स की मदद से आप प्राकृतिक और अच्छे फल खरीद सकते है। तो चलीए फलों पर लगे इन स्टीकर्स के असली मतलब को समझते है। ताकि आप प्राकृतिक तरीके से तैयार हुए फल खरीद सके। अगर आपको ये पोस्ट पसंद आए तो इसे आप अपने दोस्तों और परिवार के साथ भी शेयर जरूर करें।
फलों पर लगे इन स्टीकर्स पर कुछ नंबर छपे होते है। इन नंबर के जरिए आप जान सकते है कि वह फल पूरी तरह से प्राकृतिक है, जेनेटिकली मॉडिफाइड है या इन्हे रसायनों और उर्वरकों द्वारा तैयार किया गया है। तो चलीए जानते है कि स्टीकर्स पर छपे नंबर से आप किस तरह ये जान सकते है।
स्टीकर पर लिखा नंबर यदि 5 अंकों का है तो इसका मतलब है कि इन फलों को रसायनों या रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल से तैयार किया गया है।
स्टीकर पर लिखे 5 अंकों के नंबर का पहला अंक यदि 8 है तो इसका मतलब है कि ये फल जेनेटिकली मॉडिफाइड है।
स्टीकर पर छपा नंबर यदि 4 अंकों का है तो इसका मतलब है कि ये फल पूरी तरह से प्राकृतिक तरीकों से उगाए गए है और इनपर किसी भी तरह के रसायनों या रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
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