
किम जोंग उन की ट्रेन
उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन के स्वास्थ्य को लेकर दुनियाभर में चल रही अटकलों के बीच उनकी विशेष रेलगाड़ी की उपग्रह से प्राप्त तस्वीरें खबरों में हैं। तस्वीरों से पता चलता है कि यह रेलगाड़ी इस समय उत्तर कोरिया के पूर्वी तट पर बने किम के हॉलीडे कंपाउंड के बाहर खड़ी है। यह तस्वीरें उत्तर कोरिया की गतिविधियों पर नजर रखने वाले मॉनिटरिंग समूह 38 ने जारी की हैं। आखिर क्यों किम जोंग की ट्रेन चर्चा में है और क्या है इसकी खासियत आइए जानते हैं।
किम जोंग अपनी हरे रंग की भारी भरकम ट्रेन में सफर करते हैं। इस बख्तरबंद रेलगाड़ी का वजन इतना है कि इसे 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से खींचने के लिए दो इंजनों की जरूरत पड़ती है।
माना जाता है कि किम जोंग के पिता किम जोंग इल के पास छह लक्जरी ट्रेनें थीं, जिनमें कुल मिलाकर 90 कोच थे। सारे ही कोच बुलेटप्रूफ और साथ ही सारी सुविधाओं से लैस थे। किम का परिवार आमतौर पर हवाई यात्राओं को पसंद नहीं करता। तीन पीढ़ियों से ये शासक परिवार ट्रेन से ही यात्रा करता है।
जब वो यात्रा नहीं कर रहे होते तो उनकी ट्रेनें प्योंगयांग के खास यार्ड या फिर आसपास के उन रेलवे स्टेशन में खड़ी रहती हैं, जो खासतौर पर केवल इसी ट्रेन के लिए बनाए गए हैं। किम की खास ट्रेनों के लिए देशभर में कुल 20 बड़े खुफिया स्टेशन बनाए गए हैं।
होटल का आलीशान कमरा भी फेल
लग्जरी पसंद तानाशाह किम जोंग की ट्रेन काफी आलीशान है। इसमें 22 कोच हैं। हर डिब्बा होटल के किसी आलीशान कमरे की तरह है। सफर कर रहे यात्रियों के लिए ( किम के परिवार) खाने-पीने के खास इंतजाम रहते हैं।
इसमें दुनिया से लगभग सभी हिस्सों के खास व्यंजन बनाने वाले शेफ मौजूद होते हैं। शराब के शौकीनों के लिए अत्याधुनिक बार है, जहां नई और पुरानी हर तरह की शराब मिलती है। माना जाता है कि किम के मनोरंजन के लिए ट्रेन में खूबसूरत महिलाएं भी होती हैं, जिन्हें लेडी कंडक्टर कहा जाता है।
किले की तरह है ट्रेन की सुरक्षा

किम जोंग उन की ट्रेन
ट्रेन में किम की खास बुलेटप्रूफ कारें भी होती हैं, जो ट्रेन के रुकने पर किम को बाहर स्थानीय यात्रा के लिए इस्तेमाल होती हैं। साथ ही सेहत के लिए यहां जिम और खेलने की सुविधा भी है। सैनिकों और शेफ के अलावा तीनों ही ट्रेनों में डॉक्टरों का एक ग्रुप होता है, जिसमें से कुछ डॉक्टर सिर्फ किम की सेहत का ध्यान रखते हैं।
भारी-भरकम डिब्बे
किम जोंग की इस बख्तरबंद ट्रेन में 90 खास डिब्बे हैं, जिनसे तीन ट्रेनें चलती हैं। ट्रेन के सारे डिब्बों के बुलेटप्रूफ होने की वजह से इसका वजन काफी ज्यादा है और इसी वजह से ये 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ज्यादा तेजी से नहीं चल सकती। किम की इन तीन खास ट्रेनों के लिए अलग से 20 स्टेशन बने हैं, जहां खुफिया कमरे भी हैं। इन जगहों पर आम लोगों या इजाजत के बिना किसी सरकारी आदमी का आना-जाना भी मना है।
ट्रेन की सुरक्षा
ट्रेन में सुरक्षा के सारे बंदोबस्त हैं। माना जाता है कि इसके सारे डिब्बे बख्तरबंद होते हैं, जहां लड़ाई या खुद को बचाने के सारे आधुनिक उपकरण मौजूद हैं। साथ ही अलग-अलग टेलीफोन लाइन भी हैं। किम की प्राइवेट ट्रेन के गुजरने से पहले एक और प्राइवेट ट्रेन निकलती है, जो रेलवे लाइन पर सुरक्षा के इंतजाम का जायजा लेती है। इसके बाद किम की ट्रेन होती है, जो पहली ट्रेन से 20 मिनट बाद आती है। तीसरी ट्रेन में अतिरिक्त सुक्षा स्टाफ और जरूरत की दूसरी चीजें होती हैं।
कहा जाता है कि किम जोंग के पिता किम जोंग इल भी अपनी विदेश यात्राओं में इसी ट्रेन का इस्तेमाल करते थे। यहां तक कि किम के दादा किम 2 संग भी इसी खास ट्रेन का उपयोग करते थे। 1950 में कोरियन युद्ध के दौरान वर्तमान तानाशाह के दादा ने इसी ट्रेन को अपने वॉर रूम की तरह इस्तेमाल किया था।
0 Comments