बचपन की यादें जब कभी याद आती हैं आंखें नम कर जाती हैं, वो दिन ऐसे होते हैं जो हर कोई चाहता है कि लौट कर वापस आ जाये लेकिन जब बात बचपन की हो तो स्कूल की याद सबसे पहले आती है, आज का यह आर्टिकल उन लोगों के लिये है जो अपने स्कूल के दिनों को मिस करते है।

एक नालायक पति द्वारा लिखी गयी, हंसी नहीं रुकेगी आखिर तक पढ़ना।
चंद पंक्तियां :
बीवी को अपनी पलकों पर बिठा लो,
देकर हर खुशी उसको, उसके सारे गमों को चुरा लो
प्यार करो उसको अपने ससुराल वालों के सामने इतना कि
ससुर भी बोले, दामाद जी आप मेरी छोटी बेटी को भी पटा लो।
(नोट : ऐसा करने पर सफलता की कोई गारंटी नहीं है)

आज का ज्ञान !!!
जिस छोरी ने स्कूल में
वाद-विवाद प्रतियोगिता जीती हो,
उससे ब्याह करने से पहले हज़ार बार सोचे। !!!

पत्नियां भी कमाल की होती हैं...
पहले 5 हजार की साड़ी ला कर खुद पहनती हैं,
और 2 साल बाद रजाई का कवर बनाकर हमें पहनाती हैं।

0 Comments