
सीकर. शिक्षक भर्ती के इंतजार में बैठे प्रदेश के दस लाख से अधिक बेरोजगारों की उम्मीद फिर जगी है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) को लेकर मंगलवार को शिक्षा राज्य मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा (rajasthan education minister govind singh dotasara) की मौजूदगी में बैठक हुई। इसमें रीट प्रथम व द्वितीय लेवल के रिक्त पद, भर्ती के पैर्टन, वैटेज, वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को शामिल करने, राजस्थान का सिलेबस शामिल, भर्ती की तिथि, परीक्षा एजेंसी आदि मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। इधर, कोरोना की वजह से बोर्ड परीक्षा भी उलझ गई है। बैठक में विभाग की शासन सचिव मंजू राजपाल, समग्र शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक अभिषेक भगोतिया, शिक्षा निदेशक सौरव स्वामी, विधि परामर्शी सतीश पाराशर, उप सचिव ज्योति चौहान, अनीता मीणा और राजस्थान बोर्ड सचिव अरविंद कुमार सेंगवा मौजूद रहे।
पहले सुलझाए पेंच, ताकि बाद में नहीं हो दिक्कत
बैठक में शिक्षा मंत्री ने कहा कि भर्ती के सभी कानूनी पक्षों का पहले सुलझाया जाए ताकि चयनित अभ्यर्थियों को बाद में नौकरी के लिए इंतजार नहीं करना पड़े। पंचायतीराज विभाग का एक मुद्दा सामने आया है जिसे जल्द सुलझाया जाएगा।
इन बिन्दुओं पर हुई चर्चा
बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा के अलावा एक और प्रश्न पत्र कराने, विषय का पेपर कराने या नहीं कराने, एनसीटीई 2011 की बदली गाइडलाइन, बीएड और एसटीसी के विद्यार्थियों की रीट में भागीदारी को लेकर चर्चा हुई।
31 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती
रीट के जरिए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 31 हजार से अधिक पदों के लिए भर्ती होनी है। रीट की तिथि तय होने के बाद सबसे पहले राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या सरकार की ओर से तय एजेंसी की ओर से विज्ञप्ति जारी की जाएगी। इस दौरान पंचायतीराज विभाग की ओर से प्रथम व द्वितीय लेवल के रिक्त पदों के आधार पर अलग से विज्ञप्ति जारी होगी।
शेखावाटी के तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी
रीट भर्ती में शेखावाटी के तीन लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। पिछली भर्ती में शेखावाटी के सवा दो लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
तैयारियों की समीक्षा, जल्द निर्णय
बैठक में अब रीट भर्ती को लेकर अब तक की तैयारियों की समीक्षा की है। रीट की तैयारी में जुटे लाखों विद्यार्थियों के हित में जल्द निर्णय लिया जाएगा। भर्ती के कानूनी पेंचों को पहले सुलझाया जा रहा है ताकि भविष्य में अभ्यर्थियों को परेशान नहीं होना पड़े।
गोविन्द सिंह डोटासरा, शिक्षा मंत्री
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