यूपी में सबसे पहले खुले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पढ़ाई करके डॉक्टर की चाह रखने वाले युवाओं के लिए खुशखबरी है। भारत सरकार ने एमबीबीएस पढ़ाई के लिए सीटों की संख्या को दोगुना कर दिया है।
पहले बैच में मात्र 50 सीटें लॉक हुई थी, लेकिन दूसरे बैच में 100 सीटों की पढ़ाई शुरू करने की अनुमति स्वास्थ्य मंत्रालय से मिल गई है। कोरोना का कहर नहीं बढ़ा तो सितंबर महीने से एमबीबीएस के दूसरे बैच की पढ़ाई को आरंभ करने की कवायद चल रही है।
एम्स में ओपीडी शुरू होने के बाद 29 अगस्त 2019 से एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू हो गई थी। पहले बैच में एम्स को सिर्फ 50 सीटें मिली थी। देश के विभिन्न प्रांतों के एमबीबीएस स्टूडेंट्स ने यहां दाखिला लेकर पढ़ाई शुरू की थी।
इस बैच की पढ़ाई वर्ष 2024 में पूरी होगी। भारत सरकार ने एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए एम्स में सीटों की संख्या को बढ़ा दिया है। दूसरे बैच में 100 सीटों के लिए दाखिले की प्रक्रिया पूरी होगी।
बढ़ी सीटों के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से अनुमति भी मिल गई है। एम्स में सितंबर महीने से एमबीबीएस के दूसरे बैच की पढ़ाई शुरू कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है। एम्स में एमबीबीएस के पहले बैच को चार विषय पढ़ाए जा रहे हैं।
इसके लिए प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 22 फैकल्टियों (संकायों) को भरा गया है। पहले बैच में बायोकेमिस्ट्री, एटॉमनी, फिजियालॉजी और कम्युनिटी मेडिसिन की पढ़ाई चल रही है।
एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने डीएम को पत्र भेजकर किसानों की जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जिससे एम्स के विस्तार का काम तेज किया जा सके।प्रशासन को 228 किसानों से 49.85 एकड़ जमीन खरीदकर एम्स को उपलब्ध करानी है।
इसके लिए जिला प्रशासन ने शासन को 40.40 करोड़ रुपये की डिमांड भी भेजी है। रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एम्स समीर शुक्ला ने बताया कि एमबीबीएस की दूसरे बैच की पढ़ाई के लिए एम्स को 100 सीटें मिली हैं।
पहले बैच के लिए 50 सीटें ही मिली थी। सितंबर महीने से दाखिलों की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही एम्स के विस्तार के लिए जमीन के संबंध में निदेशक की ओर से जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है।
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