सिलिकॉन वैली भी है इस बाबा की भक्त! स्टीव जॉब्स और मार्क जकरबर्ग कर चुके हैं दर्शन

स्टीव जॉब्स भी कर चुके हैं नीम करोली बाबा का दर्शन


अल्मोड़ा. हर साल 15 जून को उत्तराखंड के भवाली स्थिति कैंची धाम मंदिर में पूरे विश्व से श्रद्धालु 'नीम करोली बाबा' (Neem Karoli Baba) के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में आते हैं. इस साल कोरोना वायरस महामारी के बीच यह संख्या बेहद कम है. वैसे तो उत्तराखंड देवभूमि के नाम से जाना जाता है लेकिन अल्मोड़ा-हल्दवानी हाइवे के नजदीक शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर कई महान हस्तियों का स्वागत कर चुका है.

इस मंदिर के भक्तों का मानना है कि नीम करोली बाबा के पास ऐसी अलौकिक शक्तियां हैं जो उनके सारे दुख-दर्द को दूर कर देती हैं. सिलिकॉन वैली को भी इस बाबा पर खूब विश्वास है.

फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग कर चुके हैं दर्शन

टेक्नोलॉजी की दुनिया की दो सबसे बड़ी कंपनियों के संस्थापक भी नीम करोली बाबा का आशीर्वाद ले चुके हैं. एप्पल इंक के संस्थापक स्टीव जॉब्स (Steve Jobs) को 70 के दशक में अपने मुश्किल वक्त में बाबा की शरण में आना पड़ा था. खुद स्टीव जॉब्स ने एक किताब में इस बात की पुष्टि की है. अपने​ करियर के मुश्किल दौर में फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने भी कैंची धाम की यात्रा की है. जकरबर्ग ने खुद इस बात का खुलास करते हुए कहा कि उन्हें कैंची धाम का अनुभव एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स से मिला था. इसके बाद जकरबर्ग यहां दर्शन करने पहुंचे. कहा जाता है कि जकरबर्ग ने कैंची धाम में करीब एक सप्ताह बिताया था.


किताब में स्टीव जॉब्स ने किया था खुलासा

जॉब्स 1974 और 1976 के बीच एक महीने के लिए भारत आये थे. उनके भारत आने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है. जकरबर्ग कहते हैं कि उन्हें स्टीव जॉब्स ने ही भारत आने की सलाह दी थी. इसी प्रकार स्टीव जॉब्स को भी रॉबर्ट फ्रीडलैंड नाम के एक दोस्त और मार्गदर्शक ने यहां आने की सलाह दी थी. 2011 में रिलीज हुई किताब 'स्टीव जॉब्स' में वॉल्टर आईजेक्सन लिखते हैं कि रॉबर्ट 1973 में भारत आये थे और नीम करोली बाबा के दर्शन किये थे.

गुरु के तलाश में थे स्टीव जॉब्स

एक रिपोर्ट के अनुसार रॉबर्ट खनन क्षेत्र की कंपनी इवान्हो माइन्स के सीईओ हैं और फोर्ब्स मैगज़ीन के अनुसार करीब डेढ़ अरब डॉलर के मालिक हैं. किताब 'स्टीव जॉब्स' में लिखा गया है कि उनके लिए भारत की यात्रा अपने लिए गुरु की तलाश में थी और वे यहां आध्यात्मिक यात्रा पर आना चाहते हैं. लेखक एंथनी इम्बिबो ने स्टीव जॉब्स पर लिखी गयी एक किताब में कहा कि स्टीव जॉब्स अपने एक दोस्त डॉन कोट्टके साथ भारत आए थे. हालांकि, स्टीव जॉब्स के भारत आने के करीब 9 महीने पहले ही नीम करोली बाबा का निधन हो गया था.

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