नौकरी जाने लग रहा है डर तो शुरू करें ये बिज़नेस, 10 साल तक होगी लाखों में कमाई





नई दिल्ली. कोरोनाकाल में नौकरियों की कमी हो चुकी है. इस वजह से लोगों ने नए बिज़नेस करने के आईडिया पर सोचना शुरू कर दिया है. अगर आप भी घर बैठे कुछ नया करने का सोच रहे हैं और ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है तो ये बिज़नेस आपके लिए अच्छा साबित हो सकता है.

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे योगेश ने खेती को चुना और 7 किसानों के साथ मिलकर जीरे की आर्गेनिक खेती शुरू की. आज उनका यह सफर 3000 किसानों के साथ जापान और अमेरिका तक पहुँच चुका है. योगेश की खेती में रूचि उनकी पढ़ाई के दौरान जगी. योगेश ने ग्रेजुएशन के बाद ऑर्गेनिक फार्मिंग में डिप्लोमा किया था. परिणाम यह हुआ कि खेती में उनका इंटरेस्ट जाग उठा. उनसे यह तक कहा गया कि यदि खेती का शौक ही चढ़ आया है तो एग्रीकल्चर सुपरवाइजर बनकर खेती और किसानों की सेवा करनी चाहिए, सीधे तौर पर किसान बनकर खेती करने का जोखिम मत उठाओ.


ऐसे की बिज़नेस की शुरुआत
शुरुआत में योगेश ने इस बात पर फोकस किया कि इस क्षेत्र में कौनसी उपज लगाई जाए जिससे ज्यादा मुनाफ़ा हो, बाज़ार मांग भी जिसकी ज्यादा रहती हो. उन्हें पता चला कि जीरे को नगदी फसल कहा जाता है और उपज भी बम्पर होती है, उन्होंने इसे ही उगाने का फैसला किया. 2 बीघा खेत में जीरे की जैविक खेती की, वे असफल हुए पर हिम्मत नहीं हारी. आज 60 करोड़ का है टर्न ओवर.


10 लाख रुपए का टर्न ओवर
7 किसानों के साथ हुई शुरुआत ने आज विशाल आकार ले लिया है. योगेश के साथ आज 3000 से ज्यादा किसान साथी जुड़े हुए हैं. 2009 में उनका टर्न ओवर 10 लाख रुपए था. उनकी फर्म ‛रैपिड ऑर्गेनिक प्रा.लि’ (और 2 अन्य सहयोगी कंपनियों) का सालाना टर्न ओवर आज 60 करोड़ से भी अधिक है. आज यह सभी किसान जैविक कृषि के प्रति समर्पित भाव से जुड़कर केमिकल फ्री खेती के लिए प्रयासरत हैं.

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