क्रिकेट के सबसे मुश्किल फॉर्मेट की बात करें तो उसमें सबसे पहले टेस्ट क्रिकेट का नाम लिया जाता है. इस फॉर्मेट में हिट होने के लिए बल्लेबाज के पास धैर्य, तकनीक और सही शॉट चयन करने की क्षमता होनी चाहिए. लाल गेंद से खेलकर रन बनाने वाले बल्लेबाज की जमकर तारीफ होती है.
भारतीय टीमर में ऐसे कई बल्लेबाज हैं. जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एक से ज्यादा शतक लगाये हैं. लेकिन टेस्ट के मुकाबले आसान कहे जाने वाले एकदिवसीय फॉर्मेट में उनके नाम एक भी शतक नहीं है. एकदिवसीय क्रिकेट में पिच अक्सर बल्लेबाजों के लिए मददगार होती है. जबकि सफ़ेद गेंद से गेंदबाजो को बहुत ज्यादा मदद भी नहीं मिलती है.
आज हम आपको उन 5 भारतीय बल्लेबाज के बारे में बताएँगे. जिन्होंने टेस्ट में तो कई शतक जड़ दिए लेकिन एकदिवसीय क्रिकेट में इन खिलाड़ियों ने भारत के लिए बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ा है. ये सभी खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट में टीम के बहुत ही अहम सदस्य रह चुके हैं. इन्हें दिग्गज भी कहा जा रहा है.
1. चेतेश्वर पुजारा
टेस्ट क्रिकेट में आज यदि कुछ अच्छे बल्लेबाजों के बारे में चर्चा होगी तो उसमें भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का नाम जरुर लिया जायेगा. इस खिलाड़ी का टीम पर बहुत ज्यादा प्रभाव नजर आता है. ऑस्ट्रेलिया में जब भारत ने सीरीज जीती तो उसमें पुजारा की भूमिका सबसे ज्यादा अहम थी.
चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय टीम के लिए टेस्ट फ़ॉर्मेट में 77 मैच खेले हैं. जिसमे 48.67 के औसत से 5840 रन बनाये हैं. जिसमे उन्होंने 18 शतक और 25 अर्द्धशतक भी लगाये हैं. इस बीच उन्होंने 3 बार दोहरा शतक भी जड़ा है. वो टेस्ट में भारत के स्टार बल्लेबाज कहे जाते हैं. जिनपर टीम का भार नजर आता है.
पुजारा को एकदिवसीय फ़ॉर्मेट में मात्र 5 मैच खेलने का मौका मिला है. जिसमें उन्होंने मात्र 10.2 के औसत से 51 रन ही बनाये हैं. इसी वजह से ही चेतेश्वर पुजारा आज के समय में मात्र टेस्ट क्रिकेट की खेलते हुए नजर आते हैं. सीमित ओवर क्रिकेट में उन्हें खेलने का मौका ही नहीं मिल पाया.
2. मुरली विजय
एक समय टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के नियमित सलामी बल्लेबाज रहे मुरली विजय का नाम भी इस लिस्ट में नजर आता है. मुरली विजय को तो चेतेश्वर पुजारा से भी ज्यादा मौके एकदिवसीय क्रिकेट में खेलने को मिले. लेकिन वो कभी शतक के आकड़े तक नहीं पहुँच सके.
ने भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में 61 मैच खेले हैं. जिसमे उन्होंने 38.29 के औसत से 3982 रन बनाये हैं. जिसमें 12 शतक और 15 अर्द्धशतक भी शामिल रहा है. मुरली को इसके साथ ही 17 एकदिवसीय मैच में भी खेलने का मौका मिला. जिसमें उन्होंने 21.19 के औसत से 339 रन बनाये.
विजय को कई मौके एकदिवसीय क्रिकेट में दिए गये. लेकिन कभी भी वो खुद को साबित नहीं कर पायें. जिसके बाद उनपर भी टेस्ट क्रिकेटर का ठप्पा लग गया. जिसके कारण से दोबारा सीमित ओवर फ़ॉर्मेट खेलने का मौका नहीं मिला. विजय को 9 टी20 मैच भी खेलने को मिला. जिसमें उन्होंने 169 रन बनाये.
3. रिद्धिमान साहा
विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धिमान साहा का नाम भी इस लिस्ट में नजर आ रहा है. रिद्धिमान साहा को वैसे तो सीमित ओवर क्रिकेट में ज्यादा मौके तो नहीं मिले हैं. लेकिन जब मौके मिले तो वो उसका फायदा उठाने में सफल नहीं हो पायें. जिसके कारण उनका करियर सीमित ओवर क्रिकेट में लंबा नहीं रहा है.
रिद्धिमान साहा ने भारतीय टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट में 37 मैच खेले हैं. जिसमे उन्होंने 30.2 के औसत से 1238 रन बनाये हैं. जिसमें 3 शतक और 5 अर्द्धशतक भी शामिल रहा है. साहा को इसके साथ ही 9 एकदिवसीय मैच में भी खेलने का मौका मिला. जिसमें उन्होंने 13.67 के औसत से 41 रन बनाये.
साहा को 50 ओवर क्रिकेट में इसलिए भी ज्यादा मौके नहीं मिल पायें, क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी उनसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए नजर आ रहे थे. जिसके कारण वो भारतीय टीम के लिए एकदिवसीय फॉर्मेट में उतना नहीं खेल पायें. हालाँकि उसे एक अलग ही विषय कहा जाता है. अब वो टेस्ट में स्थापित हो चुके हैं.
4. रविचंद्रन अश्विन
गेंदबाजी आलराउंडर के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले रविचंद्रन अश्विन का नाम भी इस लिस्ट में नजर आ रहा है. रविचंद्रन अश्विन ने टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए बल्ले के साथ भी अहम योगदान दिया है. जिसमें कुछ अहम मौको पर उनके बल्ले से शतक भी निकला है.
रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय टीम के लिए 71 टेस्ट मैच खेला है. जिसमें उन्होंने 28.11 के औसत से 2389 रन बनाये हैं. जिसमें उन्होंने 4 शतक और 11 अर्द्धशतक बनाये हैं. गेंद के साथ बात करें तो उन्होंने 25.43 के औसत से 365 विकेट उन्होंने अपने नाम किये हैं. जिसमें 7 तो सिर्फ 10 विकेट हॉल हैं.
अश्विन ने 111 एकदिवसीय मैच में 16.07 के औसत से 675 रन ही बनाये हैं. जिसमे मात्र एक ही अर्द्धशतक है. विकेट इसमें 150 हासिल किये है. जिस तरह के बल्लेबाज अश्विन टेस्ट में नजर आते हैं तो कभी सीमित ओवर क्रिकेट में नहीं नजर आया है. जिसको लेकर हमेशा ही चर्चा चलती रहती है.
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5.मयंक अग्रवाल
पिछले लगभग 15 महीनो से मयंक अग्रवाल ने टेस्ट क्रिकेट में जो प्रदर्शन किया है. उसके कारण उन्हें अब भविष्य बताया जा रहा है. जहाँ पर मिले मौके का फायदा मयंक ने जमकर उठाया है. उन्होने टीम के लिए कई अहम पारियां खेली हैं. लेकिन एकदिवसीय फॉर्मेट में वो उसे दोहरा नहीं पायें हैं.
मयंक अग्रवाल ने 11 टेस्ट मैच अब तक भारतीय टीम के लिए खेले हैं. जिसमें उन्होने 57.29 के औसत से 974 रन बनाये हैं. जिसमें उन्होंने 3 शतक और 4 अर्द्धशतक लगाये हैं. जबकि इस लिस्ट में दो दोहरा शतक भी शामिल रहा है. मयंक ने खुद को अब टेस्ट टीम में स्थापित कर दिया है.
अग्रवाल को अब तक मात्र 3 एकदिवसीय मैच ही खेलने को मिला है. भविष्य में भी कुछ साल अभी रोहित और शिखर की जोड़ी ही नजर आने वाली है. ऐसे मौके पर उन्हें ज्यादा खेलने का चांस मिलना मुश्किल नजर आता है. मयंक एकदिवसीय फॉर्मेट में अ6
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