पत्थलगांव, 9 जुलाई। पत्थलगांव विकासखंड के पाकरगांव के किसान परिवार के डॉ. जितेंद्र कुमार यादव आईपीएस बने। वे छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में अपनी ट्रेनिंग करेंगे।
डॉ. जितेंद्र कुमार का जन्म जशपुर के पाकरगांव में एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। बचपन से पढ़ाई में मेधावी जितेंद्र ने पांचवीं तक की पढ़ाई गांव में तथा 12वीं तक की पढ़ाई नवोदय विद्यालय से की। बचपन से ही सिविल सर्विस में जाने की चाहत ने सफलता की मंजिल तक पहुंचाया। इस सपने को साकार करने में उनके दो बड़े भाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
जब जितेंद्र कुमार का चयन वेटनरी विश्वविद्यालय तमिलनाडु में हुआ था, तब से ही वे यूपीएससी की तैयारी शुरू कर चुके थे, लेकिन पढ़ाई के लिए पैसे की जरूरत पडऩे लगी, ऊपर से बीमार पिताजी के इलाज का खर्च, तब उनके दो भाई संजय यादव और नरेंद्र यादव ने भाई के सपनों को पूरा करने का बीड़ा उठाया और अपनी पढ़ाई ग्रेजुएशन से आगे नहीं करने का फैसला लिया और छोटे भाई जितेंद्र की पढ़ाई पर ध्यान दिया और फिर जितेंद्र सिविल सर्विस की तैयारी में जुट गए। बाद में बड़े भाई शिक्षक और मंझले भाई संजय यादव ने पुलिस के उपनिरीक्षक के पद पर रहते हुए जितेंद्र की पढ़ाई में सहयोग दिया। संजय यादव वर्तमान में छत्तीसगढ़ के जिला सुकमा के चिंतागुफा में उपनिरीक्षक के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
वहीं जितेंद्र दोनों भाईयों के सहयोग से अपनी तैयारी जारी रखते हुए वर्ष 2015 में प्रथम प्रयास में ही 379 रैंक प्राप्त कर आईआरएस हेतु चयनित हुए और हरियाणा के रोहतक में तीन वर्षों तक जीएसटी सहायक आयुक्त के पद पर रहे। जितेन्द्र कुमार लगातार मेहनत करते रहे और वर्ष 2018 में पुन: एक बार यूपीएससी में 170 रैंक प्राप्त कर आईपीएस हेतु चयनित हुए तथा उनको होमकैडर के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य मिला।
डॉ. जितेन्द्र यादव मद्रास विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल भी प्राप्त है तथा छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग एवं दिल्ली में पशु चिकित्सा विभाग में नौकरी में रह चुके हैं। वे अपनी सफलता का श्रेय निरंतर प्रयास और परिवारजनों का साथ को बताते हैं। अपनी अथक मेहनत और लगन से और दोनों भाइयों के साथ से उन्होंने गाँव से निकलकर देश के उच्च पद पर पहुंच सकेते है।
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