
उत्तर प्रदेश में मथुरा-वृंदावन नगर निगम के बजट बोर्ड की बैठक शुक्रवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस दौरान तू-तू, मैं-मैं के बीच भाजपा की महिला पार्षद ने नगर आयुक्त पर चप्पल से हमला किया। बीच में उनका पर्सनल असिस्टेंट आ गया तो पार्षद ने उसकी चप्पल से पिटाई कर दी। इसके बाद विधायक पूरन प्रकाश और मेयर मुकेश आर्य ने मामले में हस्तक्षेप की तो उनके खिलाफ भी नारेबाजी की गई। नगर आयुक्त ने पार्षद पर एफआईआर के लिए तहरीर दी है। वहीं, पार्षद का कहना है कि, नगर आयुक्त ने उनका हाथ पकड़कर झटक दिया था और अभद्रता की थी। जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना अपराध है तो हां मैंने किया है।
पार्षदों का आरोप- अफसरों का रवैया तानाशाही
शहर के एक विवाह घर में शुक्रवार को मथुरा वृन्दावन नगर निगम की बजट बोर्ड बैठक बुलाई गई थी। पार्षद अपने अपने वार्डों में प्रस्तावित और हुए विकास कार्यों को लेकर हंगामा करने लगे। इसी बीच वार्ड 24 की पार्षद दीपिका रानी सिंह मंच पर बैठे नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़ के पास पहुंचीं। दीपिका रानी का कहना है कि, उन्होंने वार्ड में हुए कार्याें की सूची और कुछ अन्य समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त से बात की तो उन्होंने हाथ पकड़कर झटका और कहा कि बैठ जाओ। बैठक के बाद इस पर चर्चा होगी।
हाथ पकड़कर झटकना पार्षद को नागवार गुजरा। उन्होंने नगर आयुक्त पर चप्पल तान दी। तभी नगर आयुक्त का पीए और कुछ कर्मचारी बीच में आए। पार्षद ने पीए को चप्पलों से पीट दिया। इसके बाद हंगामा और बढ़ गया। नगर आयुक्त बोर्ड बैठक छोड़कर चले गए। विधायक पूरन प्रकाश और नगर निगम मेयर मुकेश आर्य बंधु की मौजूदगी में अन्य पार्षदों ने हंगामा काटा है। अगर पार्षदों की मानें तो निगम में अधिकारी इस समय पूरी तरह तानाशाही रवैया अपनाए हुए हैं। इसकी वजह से वह मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं और जनता उनको कोस रही है।
नगर आयुक्त ने कहा- एफआईआर दर्ज कराऊंगा
नगर आयुक्त रविंद्र मांदड ने कहा कि बैठक शुरू होने से पहले ही वार्ड 24 की पार्षद दीपिका रानी ने हंगामा शुरू कर दिया था। उन्होंने डाइस के नीचे मेरे सामने आ कर समस्त मुझसे और अन्य अधिकारियों से गाली गलौच की। जब पीए ने समझाया तो उसको चपल्लों से पीटा गया। इस मामले में एफआईआर दर्ज करा कर वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।
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