New delhi: केंद्र सरकार नये साल में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) के बाद अब घरेलू रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) की दरों को तय करने के मामले में बड़ा फैसला कर सकती है. इसका असर सीधे लोगों की जेब पर पड़ेगा. बताया जा रहा है कि नया नियम लागू होने पर हर सप्ताह घरेलू गैस के सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव होगा.
गैस वितरण से जुड़ी कंपनियों का नुकसान कम करने की कोशिश
सूत्रों की मानें, तो पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय एलपीजी (LPG) का वितरण करने वाली कंपनियों के एक प्रस्ताव पर काम कर रही है. इस प्रस्ताव को यदि सरकार की मंजूरी मिल गयी, तो वर्ष 2021 से एलपीजी सिलेंडर की कीमतें हर सप्ताह तय होने लगेंगी. पेट्रोलियम कंपनियां अपने नुकसान से बचने के लिए ऐसा कर रही हैं. उनका कहना है कि इससे कंपनी को तो फायदा होगा ही, ग्राहकों को भी इसका लाभ मिलेगा. एलपीजी गैस का वितरण करने वाली पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि लंबे अरसे से इस विषय पर चर्चा चल रही थी. इसका ब्लू प्रिंट बनाने में सरकार भी जुटी है. नयी व्यवस्था लागू हो गयी, तो कंपनियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी. दरअसल, गैस वितरण से जुड़ी कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए इस प्लान पर काम किया जा रहा है.
15 दिन में 100 रुपये महंगा हुआ एलपीजी सिलेंडर
यहां बताना प्रासंगिक होगा कि दिसंबर, 2020 में 15 दिन के भीतर घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये का इजाफा हो चुका, जिसका सीधा असर उपभोक्ता की जेब पर पड़ा. 2 दिसंबर की रात को तेल कंपनियों ने सिलेंडर का दाम 50 रुपये बढ़ा दिया था. इसके बाद 15 दिसंबर को एक बार फिर रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये की वृद्धि कर दी गयी. इस तरह 15 दिन में ही आम आदमी की रसोई का खर्च 100 रुपये बढ़ गया.
हर दिन तय की जाती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
सरकार ने ऐसी व्यवस्था बनायी है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें हर दिन तय होती हैं. पेट्रोल-डीजल के दाम सुबह 6 बजे तय कर दिया जाता है. इससे कच्चे तेल की कीमतों में यदि कोई बदलाव नहीं होता है, तो पेट्रोलियम कंपनियां उसे आसानी से रोजाना समायोजित कर लेती हैं, लेकिन रसोई गैस के दाम महीने में एक बार तय होते हैं. फलस्वरूप कंपनियों को एक महीने तक इससे जुड़ा नुकसान उठाना पड़ता है. वहीं, ग्राहकों को भी बढ़ी कीमत पर सिलेंडर खरीदना होता है.
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