केंद्र ने नहीं दी शराब बिक्री की अनुमति, नाराज कैप्टन बोले- 6200 करोड़ रुपये कहां से लाउंगा

कैप्टन अमरिंदर सिंह


देशभर में लॉकडाउन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को शराब की बिक्री की अनुमति नहीं दिए जाने पर नाराजगी जताते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि समझ से परे है कि कोरोना का शराब से कनेक्शन क्या है। उन्होंने केंद्र के फैसले पर एतराज जताते हुए कहा कि कोविड-19 से लड़ रहे सभी राज्यों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। वहीं शराब की बिक्री से राज्यों को संतोषजनक राजस्व प्राप्त होता है, जिसकी इस समय बहुत जरूरत है।

उल्लेखनीय है कि अन्य राज्यों की भांति पंजाब सरकार ने भी 15 अप्रैल से 3 मई तक विस्तारित राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री खोलने के लिए केंद्र से अनुमति मांगी थी। गुरुवार को केंद्र सरकार ने राज्यों की इस मांग को बिना कोई कारण बताए, अस्वीकार कर दिया। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कैप्टन ने कहा कि केंद्र सरकार का जवाब आ गया है। 

शराब की बिक्री बंद रखने से पंजाब के लिए घाटा 6200 करोड़ रुपये का है। कैप्टन ने कहा - मैं यह घाटा कहां से पूरा करूंगा? क्या दिल्ली वाले मुझे यह पैसा देंगे? वह तो एक रुपया नहीं दे रहे, मैं 6200 करोड़ रुपये कहां से लाउंगा? जो जीएसटी है, वह भी नहीं दे रहे। इस समय यह 10-12 हजार करोड़ के घाटे में धकेल रहे हैं हमें। 

हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र का उक्त फैसला सियासी भेदभाव के चलते नहीं है बल्कि पूरे देश में शराब की बिक्री खोलने से केंद्र ने इनकार किया है। कैप्टन ने कहा कि शराब बिक्री सभी राज्यों का प्रमुख राजस्व स्त्रोत है। कैप्टन ने कहा कि यह समझ से परे है कि इसका कोरोना से क्या कनेक्शन है? उन्होंने कहा कि कोरोना खांसी-छींक आदि से हवा में आने वाले छींटों के जरिये फैलता है।

केंद्र ने सब्जियों-फलों आदि की बिक्री की छूट तो दी है लेकिन जो सीलबंद बोतलें हैं, जिन पर थूक का कोई असर नहीं हो सकता, उसकी बिक्री की अनुमति नहीं है। इसका तर्क समझ नहीं आ रहा, उलटे राज्यों का राजस्व खत्म किया जा रहा है।

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