ये वो दुर्लभ तस्वीरें हैं जो आमतौर पर कम ही लोगों ने देखी होती हैं। लेकिन हमारे यूसी ब्लॉग पर आप इस तरह की और भी कई तस्वीरें देख सकते हैं। ज़रूरत है बस हमारे यूसी ब्लॉग को फॉलो करने की और फिर उस पर विज़िट करने की। आपको हमारे भारत की एक से बढ़कर एक पुरानी और एतिहासिक तस्वीरें दिखेंगी। आप हमें कमेंट कर ज़रूर बताएं कि आपको हमारी ये सभी पेशकशें आखिर कैसी लगी।

01- ये तस्वीर सन 1962 की है। उस साल भारत और चीन के बीच युद्ध चल रहा था और भारत उतना ताकतवर नहीं था कि वो चीन का मुकाबला कर पाता। उस दौर में भारतीय सेना के लिए पूर्व प्रधानमंत्री(हालांकि तब वो प्रधानमंत्री नहीं थीं) ने अपने जेवर दान कर दिए थे।

02- जो तस्वीर इस समय आप देख रहे हैं वो बेहद एतिहासिक तस्वीर है। ये तस्वीर ब्रिटिश लाइब्रेरी में सुरक्षित है। ये कोलकाता के मशहूर ग्रेट ईस्टर्न होटल की तस्वीर है। तब कोलकाता को कलकत्ता कहा जाता था। ये होटल कलकत्ता की ओल्ड हाउस कोर्ट स्ट्रीट पर मौजूद है। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये तस्वीर सन 1860 में ली गई थी।

03- और इस तरह मुगल साम्राज्य पूरी तरह से खत्म हो गया। ये तस्वीर हालांकि कैमरा से नहीं ली गई है। ये पेंट की गई है। तस्वीर में आखिरी मुगल बादशाह बहादुरशाह ज़फर अपने बेटों के साथ ब्रिटिश कमांडर लॉर्ड हडसन के सामने समर्पण कर रहे हैं।

04- ये ग्वालियर राजघराने के महाराजा जयाजीराव सिंधिया की तस्वीर है जो कि 1857 में ली गई थी। आपको जानकर अफसोस होगा कि महाराजा जयाजीराव ने 1857 के भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों का साथ दिया था और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और तात्यां टोपे के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।

05- ये तस्वीर है ग्वालियर के महाराजा माधोराव सिंधिया की। ये तस्वीर सन 1901 में ली गई थी। तस्वीर में महाराजा माधोराव सिंधिया ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्जन के साथ खड़े हैं और सामने इनके द्वारा शिकार करके मारे गए दो टाइगर पड़े हैं। महाराजा माधोराव सिंधिया ज्योतिरादित्य सिंधिया के पड़दादा थे।

06- ये जोधपुर की शाही करेंसी का एक आने का नोट है। जोधपुर गवर्नमेंट द्वारा जारी किया गया ये नोट सन 1840 के आस-पास के किसी साल में छपा था।

01- ये तस्वीर है सन 1970 की। मुंबई के एक बाज़ार में सब्जी वाले सब्जी बेच रहे हैं और ये महिला अपने पति के साथ सब्जियां खरीदने आई है। इस दौर में भारत में कलर्ड फोटोग्राफी की शुरूआत हो चुकी थी।
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