
साल 2018 में जब ब्लैकमेल फिल्म रिलीज होने वाली थी उसी समय इरफान खान (Irrfan Khan) को पता चला था कि उन्हें एक रेयर बीमारी हो गई है, जिसका नाम न्यूरो एंडोक्राइन ट्यूमर है. इरफान खान (Irrfan Khan) इस बीमारी से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गए थे. इरफान खान (Irrfan Khan) ने एक ट्वीट कर अपने फैंस को इस बीमारी की जानकारी दी और बताया कि उनके परिवार वाले और दोस्त उनके साथ हैं और वो जल्द ही इस बीमारी को हरा कर वापस लौटेंगे. ये बीमारी खतरनाक थी जिसका अंदाजा इरफान खान को चल गया था, बावजूद इसके दो साल तक इरफान खान ने मजबूती के साथ मुकाबला किया. इरफान खान ठीक होने लगे थे, इतना ही नहीं इरफान खान ने इस बीमारी के बाद फिल्म 'अंग्रेजी मीडियम' की शूटिंग पूरी की. फिल्म में इरफान खान को देखकर आप कहीं ये भी ये अंदाजा नहीं लगा सकते हैं कि इरफान खान को एंडोक्राइन ट्यूमर नाम की कोई गंभीर बीमारी हो गई है.
Irrfan
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सच्चे फाइटर निकले इरफान खान:
इरफान खान ना इस बीमारी से ही नहीं जंग लड़ी बल्कि आपको बता दें बॉलीवुड में आने के लिए भी इरफान खान ने लंबा स्ट्रगल किया. इरफान खान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से निकले मझे हुए कलाकार थे, छोटे पर्दे शो 'श्रीकांत' से साल 1985 में इरफान ने अपने करियर की शुरुआत की. वहीं 'सलाम बाम्बे' फिल्म से साल 1988 में बॉलीवड एंट्री ली. इरफान खान को बॉलीवुड से लेकर दर्शकों ने सिर आंखों लिया. इरफान खान ना रोमांस के बादशाह थे, ना ही एक्शन के मामले में उस्ताद, बस उनकी नेचुरल एक्टिंग ही हर किसी का दिल जीत लेती थी. छोटे से छोट, बड़े से बड़ा किरदार इरफान बखूबी पर्दे पर निभाते थे. फिल्म 'पान सिंह तोमर' के लिए तो इरफान ने नेशनल अवॉर्ड भी अपने नाम कर लिया.
हॉलीवुड तक का तय किया सफर:
इरफान खान का सफर सिर्फ छोटे पर्दे से बॉलीवुड इंडस्ट्री तक ही नहीं सिमता. इरफान खान को तो हॉलीवुड तक की दूरी तय करनी थी. इरफान खान ने एक दो नहीं बल्कि कई हॉलीवुड फिल्मों में काम किया. देश से लेकर विदेश तक इरफान खान ने अपना सिक्का जमाया. इरफान खान उन सभी कलाकारों के लिए एक मिसाल हैं जिनका सपना बॉलीवुड में नाम कमाने का है. बॉलीवुड के इस फाइटर को हमेशा दर्शक याद रखेंगे.
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