उत्तर प्रदेश सरकार ने सहकारिता विभाग में होने वाली भर्तियों का अधिकार भर्ती संस्थान सहकारी संस्थागत सेवा मंडल से वापस ले लिया. प्रदेश सरकार ने सहकारिता विभाग में हाल ही में हुई भर्तियों में हुए घोटाले के बाद यह कदम उठाया. अब इन विभागों में कार्मिकों की भर्तियां मुंबई की संस्था इंडियन बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन बोर्ड (आईबीपीएस) तथा टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के माध्यम से कराई जाएंगी.
इसके लिए उतर प्रदेश सहकारी समिति अधिनियम में बदलाव कर दिया गया है. इससे संबंधित शासनादेश प्रमुख सचिव सहकारिता एमवीएस रामी रेड्डी द्वारा जारी कर दिया गया है. संशोधन के अनुसार अब सहकारी संस्थागत सेवा मंडल सीधी भर्ती के तहत उ.प्र. राज्य सहकारी बैंक, सहकारी ग्रामीण विकास बैंकों और जिला सहकारी बैंकों से अधियाचन लेगा. अधियाचन लेकर यह सीधे आईबीपीएस (इंडियन बैंकिंग पर्सनल सेलेक्शन बोर्ड) को भेजेगा. उसके बाद भर्ती की सभी प्रक्रिया आईबीपीएस द्वारा संपन्न करायी जायेगी. इस भर्ती प्रक्रिया में सहकारी संस्थागत सेवा मंडल की भूमिका केवल मध्यस्थ की होगी.
वहीं सहकारिता की संस्थाएं भंडारण निगम, पीसीएफ आदि में कार्मिकों की भर्ती के लिए सेवा मंडल यहां से अधियाचन लेकर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) को भेजेगी. भर्ती से संबंधित समस्त प्रक्रियाएं टीसीएस से या सरकार द्वारा समय – समय पर नामित संस्थाओं के द्वारा कराई जायेंगी.
आईबीपीएस: यह भारतीय रिजर्व बैंक, केंद्रीय वित्तीय संस्थाओं व सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा स्थापित संस्था है. यह संस्था देश की विभिन्न बैंकों में रिक्त पदों पर भर्ती के लिए होने वाली समस्त प्रक्रियाओं को पूरा करके योग्य उम्मीदवारों का चयन करती है. इसका मुख्यालय मुंबई में स्थिति है.
टीसीएस: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) टाटा समूह की एक सूचना तकनीकी तथा बिज़नस प्रोसेस आउटसोर्सिंग सेवा प्रदाता कंपनी है. यह एक एक भारतीय बहुराष्ट्रीय कम्पनी सॉफ्टवेर सर्विसेस एवं कंसल्टिंग कंपनी है.
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