
लॉकडाउन पर केंद्रीय टीम के पश्चिम बंगाल भेजे जाने को लेकर केंद्र से चल रही तनातनी के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee) ने मार्गदर्शन के लिए राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर (Political strategist Prashant Kishore) की मदद मांगी है. प्रशांत किशोर कार्गो फ्लाइट से कोलकाता पहुंच भी चुके हैं. वह उसी समय यहां पहुंचे जब मोदी सरकार की ओर से राज्य में लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लेने के लिए इंटर-मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम्स (IMCT) यहां पहुंची.
ममता बनर्जी की पार्टी TMC से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर सोशल मीडिया पर विपक्षी पार्टी और मीडिया चैनल्स के आरोपों पर जवाबी कार्रवाई की निगरानी करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार प्रशांत किशोर टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का संदेश मिलने के बाद दिल्ली से कोलकाता पहुंचे.
अब इस मसले को लेकर बिहार में राजनीति शुरू हो गई है और जेडीयू व बीजेपी ने प्रशांत किशोर को अपने निशाने पर लिया है. जेडीयू नेता अजय आलोक ने कहा कि प्रशांत किशोर को शर्म आनी चाहिए. लॉकडाउन का ऐसा उल्लंघन नहीं देखा गया. कार्गो प्लेन से जरूरी सामान जाते हैं, अब पीके कैसे कार्गो में चले गए. अजय आलोक ने इस मुद्दे पर एक ट्वीट भी किया.
जेडीयू नेता ने प्रशांत किशोर पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पीके ब्यूटीशियन का कोर्स कब से करने लगे. इमेज मेकओवर करते हुए अब ब्यूटीशियन भी बन गए, ममता बनर्जी का चेहरा चमकाने कोलकाता गए हैं. क्या कोलकाता में और बीमारी फैलाने गए हैं. बिहार में डेढ़ लाख लोगों को खाना खिलाने की बात कही थी, पीके को पैराशूट से बिहार कूद जाना चाहिए.
वहीं, बीजेपी प्रवक्ता निखिल आनंद ने कहा कि प्रशांत किशोर लॉकडाउन में कार्गो फ्लाइट में छुपकर कोलकाता गए. बंगाल में लॉकडाउन की स्थिति संभालने के लिए बुलाया गया. निखिल आनंद ने बंगाल सरकार को फेल बताते हुए कहा कि ये समय विशेषज्ञ को बुलाने का है, झूठा इमेज मेकओवर को बुलाने के नहीं.
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