हमारा बचपन 90 के दशक के आसपास था बचपन की बात निराली होती है क्योंकि बचपन में हम जो मर्जी में आए थे आता था करते थे और हर चीज का आनंद उठाया करते थे उस वक्त हर चीज लगभग शुद्ध और मजेदार होती थी, आज टेक्नोलॉजी के युग में वह चीजें कहीं ना कहीं गुम हो गई है या फिर विज्ञान और अविष्कारों के इस युग में अब उन चीजों की जरूरत नहीं रही, लेकिन जब भी उन चीजों को हम देते हैं जब हमारे चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है, आज हम आपके लिए कुछ ऐसी ही तस्वीरें लेकर आए हैं।
अपनी साइकिल को सजाने के लिए यह मजेदार से

दांत उस वक्त बहुत ज्यादा चमकते थे

डालडा घी के डिब्बे से कई यादें जुड़ी हुई है

रेनॉल्ट के पेन से आपने भी कभी ना कभी लिखा होगा

इसकी तो बहुत याद आती

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