डब्ल्यूएचओ को कौन सा देश कितना पैसा देता है , सबसे ज्यादा पैसा देने वाले इस देश ने अपना नाता तोड़ दिया है

विश्व स्वास्थ्य संगठन मतलब डब्ल्यूएचओ की स्थापना 7 अप्रैल, 1948 में हुई थी। डब्ल्यूएचओ की स्थापना के दौरान इसके संविधान पर 61 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। मौजूदा समय में इसके 194 सदस्य देश हैं। इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के जिनीवा शहर में है और टेड्रोस एडहानॉम इसके प्रमुख हैं। यह एक वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी है जिसका मुख्य काम दुनियाभर में स्वास्थ्य समस्याओं पर नजर बनाए रखना और उन्हें सुलझाने में अपने स्तर से मदद करना है।

दुनिया में स्वास्थ्य संबंधी रुझानों की निगरानी करना भी संगठन की जिम्मेदारी है। स्थापना के बाद से डब्ल्यूएचओ ने स्मॉल पॉक्स बीमारी को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई थी और अब वह एड्स, इबोला और टीबी जैसी खतरनाक बीमारियों की रोकथाम पर काम कर रहा है।

कौन देश कितना फंडिंग करता है?

जानकारी के अनुसार डब्ल्यूएचओ में चार तरह की फंडिंग मिलती है। इसमें मूल्यांकन योगदान, निर्दिष्ट स्वैच्छिक योगदान, कोर स्वैच्छिक योगदान और पीआईपी योगदान शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ का वर्तमान फंडिंग पैटर्न के मुताबिक वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के अनुसार, विश्व स्वास्थ्य संगठन की फंडिंग में कुल योगदान 5.62 बिलियन डॉलर (करीब 432 अरब 17 करोड़ रुपए) के करीब था, जिसमें मूल्यांकन योगदान 956 मिलियन डॉलर (73 अरब 50 करोड़ रुपए) का था, स्वैच्छिक योगदान 4.38 बिलियन डॉलर (336 अरब 76 करोड़ रुपए), कोर स्वैच्छिक योगदान 160 मिलियन डॉलर (12 अरब 30 करोड़ रुपए) और पीआईपी योगदान 178 मिलियन डॉलर (13 अरब 68 करोड़ रुपए) का था।

सबसे ज्यादा फंडिग करने वाले देश

अमेरिका- 890, चीन- 441, जापान- 315, जर्मनी- 224, ब्रिटेन- 168, फ्रांस- 163, इटली- 121, ब्राजील- 108।

कोरोना संक्रमण काल ने डब्ल्यूएचओ को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हालांकि भारत डब्ल्यूएचओ की तारीफ कर रहा है जबकि अमेरिका काफी नाराज चल रहा है और उसने डब्ल्यूएचओ से अपने सारे नाते तोड़ लिए हैं। क्योंकि इस महामारी में उसने एक लाख से अधिक नागरिक खोए हैं।

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