देश में जारी लॉकडाउन के 50 दिन बित चुंके है, लेकिन अभी तक कोरोना महामारी कम होने का नाम नहीं ले रहा। यह दिन प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। हालांकि इस वायरस से सुरक्षा को लेकर जारी लॉकडाउन ने आम से खास लोगों तक के कमर तोड़ दिये है, जिससे अब वे भी नहीं समझ पा रहे है की अब क्या होगा। गौरतलब है कि देश में जारी लॉकडाउन के दौरान कई प्राइवेट कंपनियों ने अपने इम्प्लवॉय के सैलरी काट लिये, कितनी कंपनियों ने सैलरी नहीं दिये। जिससे उनका गुजर बसर करना मुश्किल है।

वहीं प्राइवेट स्कूल भी अपने स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध करा रहे है, जिससे बच्चों का पढ़ाई ना छूटे और उनपर पढ़ाई का अतिरिक्त बोझ ना बढ़े। लेकिन अभिभावकों द्वारा स्कूल फीस ना देने की वजह से उनकी भी स्थिति चरमरा गई है, जिसे लेकर उन्होंने सीएम योगी से गुहार लगाया है और उनकी भी समस्याओं का समाधान करने कहा है। क्योंकि अभिभावकों को सैलरी ना मिलने या उनकी सैलरी कटने से वे अपने शेष पैसे का उपयोग अपने और अपने घर-परिवार का देख-रेख के लिए कर रहे है। जो किराये के मकानों पर रहे है उनपर किराये का अतिरिक्त बोझ है। इन सारी समस्याओं को लेकर वे स्कूलों की फीस नहीं दे पा रहें। जिससे स्कूलों के सामने भी कई समस्याएं खड़ी हो रही है।
इन सारी समस्याओं को लेकर जनपद सम्भल के चन्दौसी स्थित प्राइवेट स्कूलों के टीचर्स ने सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार से गुहार लगाई है कि हमारी भी सुनो सरकार आखिर हमारा घर कैसे चलेगा? कोरोना काल मे जहां एक तरफ कोरोना संक्रमण का डर है, वही लॉकडाउन की मार पर अपने परिवार को पालने की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी है । ऐसे में प्राइवेट स्कूलों की शिक्षिकाओं ने सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार से गुहार लगाई है कि सरकार हमारे लिए भी आप कुछ सोचों क्योंकि हमारे संस्थान के पास जितना पैसा था, उन्होंने हमें दे दिया । आगे जब बच्चों के अभिभावक जब बच्चों की फीस जमा नही करेंगे तब ऐसे में संस्थान हमारी सेलरी कैसे देगा । क्योंकि लॉकडाउन को अब लंबा समय होता जा रहा है ऐसे में बच्चों की पढ़ाई लगातार संस्थान की तरफ से ऑनलाइन जारी हैं, निरंतर शिक्षिकाएं पूरी लगन और मेहनत से अपने काम को अंजाम दे रही है पर सरकार हमारी तरफ बिल्कुल ध्यान नहीं दे रही है।
निजी स्कूल प्रबंधक आकांछा भागर्व ने कहा कि देश में जारी लॉकडाउन के बाद वे लगातार बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध करा रहे है, जिसमें उनकी संस्थान और अन्य कर्मी भी भरपूर सहयोग दे रहे है। लेकिन लॉकडाउन के लगातार बढ़ने से उनके संस्थान के सामने भी कई समस्याएं खड़ी हो गई है। क्योंकि अभिभावक भी स्कूल फीस जमा नहीं कर रहे, जिसे लेकर उन्होंने सीएम योगी से मदद करने की अपील की है।
एक अन्य शिक्षिका शालू शिद्दीक ने कहा कि वे लगातार बच्चों को 9 से 12 बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध करा रही है। बिना अपनी और अपने स्वास्थ के चिंता किये प्रतिदिन बच्चों को ऑनलाइन क्लास लेती है। जिसे लेकर संस्थान ने एक निजी स्कूल एप का सहारा लिया, क्योंकि ह्वाट्सएप और जूम कारगर नहीं हो रहे थे। अब चूंकि लॉकडाउन के 50 दिन बित चुंके है, तो उनके संस्थान की भी आर्थिक हालत गड़बड़ा गई है। जिसे लेकर उन्होंने बच्चों के पैरेंट्स और योगी सरकार से अपील की है कि वे उनकी मदद करें। अगर वे उनकी मदद नहीं कर पाएंगे तो उनकी भी इकोनॉमी स्थिति बद से बदतर हो सकती है। जिससे कई तरह के समस्याओं का सामना करना पर सकता है।
0 Comments