जिन्दगी के सवालों से हार गया चुटकियों में मैथ्स का सवाल हल करने वाला सुशांत



 एक्टर सुशांत सिंह राजपूत को कौन नहीं जानता, करोड़ों दिलों पर अपनी अदाकारी और अपनी मासूम शक्ल से राज करने वाला हीरो बिना कुछ कहे चला गया। उनकी फ़िल्मी करियर से तो आप अच्छी तरह वाकिफ हैं लेकिन क्या आपने उनकी स्कूल की कहानियों के बारे में सुना है।


सुशांत की शुरुआती पढाई पटना के सेंट करेन्स स्कूल से हुई थी। सुशांत तब सुशांत सिंह थे। राजपूत टाइटल उन्होंने बाद में लगाया। स्वाभाव से शर्मीले और शांत रहने वाले सुशांत बचपन से ही सबके चहेते थे। चाहे वो टीचर्स हों या उनके सहपाठी। पढाई में हमेशा अव्वल रहना और एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी में भी अच्छा करना सुशांत को बेस्ट बनाता था। डांस में भी एक्सपर्ट थे। सुशांत अपने क्लास के मॉनिटर भी रहे और स्कूल के स्टूडेंट विंग के जनरल सेक्रेट्री भी।


बात साल 2000 के 9th  क्लास की है, सुशांत तब 9th B  में थे और उनकी बड़ी बेहेन श्वेता सिंह उनसे एक क्लास सीनियर थी जो की 10th E में थी। उस वक़्त शेक्सपियर की बुक मर्चेंट ऑफ़ वेनिस स्कूल में पढ़ाया जाता था। हाफ पार्ट 9th में और half पार्ट 10th में। इसलिए दोनों भाई बहन के पास एक ही बुक हुआ करती थी। जिसका पीरियड इंग्लिश का होता वो उसकी क्लास में जाकर मांग लेते थे। एक बार उनकी बहन बुक स्कूल ले जाना भूल गयी और जब सुशांत के इंग्लिश का पीरियड आया तो वो मांगने क्लास आया, लेकिन जब उससे पता लगा की बुक नहीं लायी। इस बात पर वो अपनी बहन से काफी नाराज़ हो गए, क्यूंकि पढाई को लेकर वो कभी किसी चीज़ को हलके में नहीं लेते थे।


स्कूल के दिनों में भी सुशांत के गिने चुने फ्रेंड्स ही हुआ करते थे। कुछ फ्रेंड्स जो पढाई में वीक थे उनको सुशांत न सिर्फ हेल्प करते थे बल्कि उनके क्लासवर्क और होमवर्क में भी चुपके से मदद कर देते थे।


आपको बता दूं कि आज ही नहीं लोग उसपर फ़िदा हैं उस वक़्त भी सुशांत की मुस्कान और स्मार्टनेस पर बहुत लड़कियां फ़िदा हुआ करती थी, लेकिन वो लड़का अपनी चारों बहनों और मां-पापा का लाडला था। उस वक़्त इंजीनियर बनाने का सपना पाले था। एक्टिंग तो कहीं दूर तक उसके जेहन में नहीं थी। उल्टा एक बार हिस्ट्री के टीचर ने उसकी बहन से पुछा की क्या बनाना चाहोगी स्कूल से निकल कर तो उसका जवाब था मॉडल और इसका इंजीनियर।


बचपन से ही सुशांत को मैथ्स में अच्छे मार्क्स मिलते थे। मिनटों में मैथ्स के सवाल हल कर लेते थे। ऐसे जटिल सवाल को चुटकी में हल करने वाला ज़िन्दगी के सवालों में उलझ गया और हमेशा हमेशा के लिए अलविदा कह गया।


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