अकेलपापन या असफलता डराती हैं? डिप्रेशन से लड़ने की शक्ति देंगे ये विचार



 

अकेलपापन या असफलता डराती हैं? डिप्रेशन से लड़ने की शक्ति देंगे ये विचार


बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या की खबर ने सभी को सकते में डाल दिया है। अभिनेता ने मुंबई के बांद्रा स्थित अपने फ्लैट में फांसी लगाकर सुसाइड कर लया है। हालांकि अभी तक आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। जानकारी के मुताबिक सुशांत लंबे वक्त से डिप्रेशन से जूझ रहे थे। सुशांत के इस कदम ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 

भारत के युवाओं द्वारा इस तरह का कदम सबसे अधिक उठाया जाता है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में हर साल करीब आठ लाख लोग आत्‍महत्‍या का रास्‍ता चुनते हैं। ऐसे में डिप्रेशन मुख्य कारण माना जाता है। 

डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति अपनों से दूरी बना लेता है। अकेलापन उसे सुसाइड करने के लिए उकसाता है। ऐसे में अगर आप भी डिप्रेशन के शिकार हैं तो इस अनमोल विचारों के द्वारा अपने मन और दिमाग को शांत कर सकते हैं।

वो करने के साथ शुरुआत कीजिए जो जरूरी है फिर वो करिए जो संभव है
फिर आप असंभव को भी पूरा कर पाएंगे।

सबसे अंधकारमय घंटे में सिर्फ साठ मिनट होते हैं। 
इन साठ मिनटों को निकल जाने दीजिए
जिंदगी बहुत खुशनुमा है।

 

कभी भी एक हार को
आखिरी हार मत समझिए
हर हार के बाद जीत छिपी है।

लड़ना छोड़ने से इनकार करने वाले के लिए जीत हमेशा संभव होती है

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असंभव दिक्कतों से लड़ने वालों के लिए जीत हमेशा संभव होती है।

खुशी एक बात में नहीं है कि आप कौन हैं
या आपके पास क्या है
खुशी इस बात में है कि आप क्या सोचते हैं

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