दक्षिण-पश्चिचम मानसून ने रविवार को महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है, जिसके बाद रविववार को गुजरात के वलसाड और सूरत के कई जिलों में भी मानसून की बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक आर.के जेनामनी ने बताया कि मानसून मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों को भी कवर किया है और इसकी स्पीड सही है जबकि नॉर्थ वेस्ट इंडिया में अभी हीट वेव के कारण 42-44 डिग्री तापमान है।

देश के कई राज्यों में पहुंचा मानसून
दक्षिणी राजस्थान में अगले 2-3 दिनों में बारिश हो सकती है, दिल्ली में थोड़ा आंधी तूफान रहेगा और तापमान 39-41 डिग्री को आस-पास रहेगा तो वहीं 18 जून के आस-पास दिल्ली में मानसून दस्तक देगा जिससे अच्छी बारिश होने का आशंका है।

स्काईमेट की चेतावनी
जबकि स्काईमेट के मुताबिक देश में अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण तटीय ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक, कोंकण व गोवा, गुजरात के पूर्वी हिस्सों, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एक-दो जगह भारी वर्षा का भी अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है, जबकि बारिश का ये सिलसिला अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
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नॉर्थ वेस्ट इंडिया में अभी हीट वेव के कारण 42-44डिग्री तापमान है। दक्षिणी राजस्थान में अगले 2-3दिनों में बारिश हो सकती है। दिल्ली में थोड़ा आंधी तूफान रहेगा और तापमान 39-41डिग्री को आस-पास रहेगा।18जून के आस-पास दिल्ली में अच्छी बारिश होने का अनुमान है:मौसम वैज्ञानिक आर.के.जेनामनी
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साउथ वेस्ट मानसून ने आज पूरे महाराष्ट्र को कवर किया। गुजरात के वलसाड और सूरत जिलों में बारिश हुई। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्से कवर किए: मौसम वैज्ञानिक आर. के. जेनामनी
7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
इससे पहले आईएमडी ने देश के 7 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था, उसने कहा है कि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार हरियाणा के हिसार, कोसली, महेंद्रगढ़,चरखी दादरी, झज्झर, नारनौल, रेवाड़ी, रोहतक, गुरुग्राम, सोनीपत, में 20-40 किलोमीटर की रफ्तार से हवा चल सकती है और बारिश हो सकती है तो वहीं यूपी के कई जिलों में भारी बारिश के आसार हैं, जबकि उत्तराखंड के रूड़की, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, एमपी और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश हो सकती है।

जानिए आखिर 'मानसून' कहते किसे हैं?
मानसून मूलतः हिंद महासागर एवं अरब सागर की ओर से भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर आनी वाली हवाओं को कहते हैं जो भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि में भारी वर्षा करातीं हैं। ये ऐसी मौसमी पवन होती हैं, जो दक्षिणी एशिया क्षेत्र में जून से सितंबर तक, प्रायः चार माह सक्रिय रहती है। इस शब्द का प्रथम प्रयोग ब्रिटिश भारत में (वर्तमान भारत, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश) एवं पड़ोसी देशों के संदर्भ में किया गया था। ये बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से चलने वाली बड़ी मौसमी हवाओं के लिये प्रयोग हुआ था, जो दक्षिण-पश्चिम से चलकर इस क्षेत्र में भारी वर्षाएं लाती थीं। हाइड्रोलोजी में मानसून का व्यापक अर्थ है- कोई भी ऐसी पवन जो किसी क्षेत्र में किसी ऋतु-विशेष में ही अधिकांश वर्षा कराती है।
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Southwest Monsoon has further advanced into remaining parts of Central Arabian Sea,some parts of northeast Arabian Sea,Gujarat,Dadra&Nagar Haveli,remaining parts of Maharashtra (including Mumbai),some parts of MP, most parts of Chhattisgarh&Jharkhand&some more parts of Bihar: IMD
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