शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
अक्सर कहा जाता है कि संगति का मानव जीवन पर बहुत असर पड़ता है क्योंकि हमारे साथ रहने वाले लोगों का स्वभाव और व्यक्तित्व हमारे ऊपर भी पूरा असर डालता है। इस संदर्भ में हमारे शास्त्रों में बहुत सी बातें बताई गई हैं। इसलिए कहा जाता है प्रत्येक व्यक्ति को इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि उसके साथ जो भी व्यक्ति है उसका स्वभाव आदि कैसा है। मगर क्या आप जानते हैं जब हम अपना जीवनसाथी चुनते हैं तब भी हमें बहुत सी बातों का ख्याल रखना चाहिए। जी हां, आचार्य चाणक्य की मानें तो उनका मानना है कि जिस तरह लड़की का वर चुनते समय बहुत सी बातों का ख्याल रखा जाता है। ठीक उसी तरह लड़की के गुणों और अवगुणों को भी ध्यान में रखना चाहिए। तो चलिए बिल्कुल भी देर न करते हुए आपको बताते हैं आचार्य चाणक्य के अनुसार वो कौन से अवगुण हैं, जो अगर किसी लड़की में हो तो उन्हें अपनाना नहीं चाहिए।
कई लोगों को मानना है कि आचार्य चाणक्य स्त्रियों से नफरत किया करते थे, लेकिन यह सत्य नहीं है। वह स्त्रियों के कुछ विशेष गुणों को पसंद नहीं करते थे। इतिहास की पुस्तकों में बताया जाता है कि आचार्य चाणक्य सम्राट अशोक की माता को अच्छी स्त्रियों में से एक मानते थे। चाणक्य नीति में कहा गया है कि जिन स्त्रियों में दो गुण होते हैं, उनसे दूरी जरूर बनानी चाहिए।
आचार्य चाणक्य के मुताबिक किसी भी पुरुष को किसी लालची महिला से ज्यादा दोस्ती नहीं बनानी चाहिए। बल्कि जितना हो सके इनसे दूरी बनाकर रखना चाहिए। चाणक्य नीति की मानें तो ये अपने हित के आगे किसी का नहीं सोचती। बल्कि कहा जाता है ये तो अपने जन्म दिए पुत्र के बारे में भी स्वयं के उपरांत विचार करती हैं। यही कारण है कि ऐसी महिलाओं से जितना हो सके इनके दूर रहना चाहिए। क्योंकि जो महिलाएं लालची होती हैं, वह अपना लालच सिद्ध करने के लिए झूठ का सहारा लेने से भी कभी नहीं घबरातीं और न ही किसी का विश्वास तोड़ने से पीछे हटती हैं। इनके लिए सबसे ऊपर ये खुद ही होती हैं।
इसके अलावा आलसी महिलाएं भी कभी किसी का हित नहीं कर सकती है। इन्हें जीवनसाथी के रूप में कभी स्वीकारना नहीं चाहिए। क्योंकि ये जीवनभर अपने आलस के साथ ही रहती हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार आलसी व्यक्ति का आलस समय के साथ कभी कम नहीं होता बल्कि बढ़ता जाता है। इनके लिए सबसे प्यारा इनका आलस होता है, जिसे ये किसी भी हालात में छोड़ना पंसद नहीं करती।
आलसी महिलाओं को न बनाएं अपना साथी– आचार्य चाणक्य कहते हैं कि आलसी महिलाओं को कभी अपना साथी नहीं बनाना चाहिए। क्योंकि ऐसी महिलाओं का आलस जीवनभर खत्म नहीं होता है बल्कि बढ़ता ही चला जाता है। कहा जाता है कि आलसी महिलाओं का संग इतना बुरा होता है कि वह अपने साथ रहने वाले व्यक्ति को भी आलसी बना देती हैं।
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